रायपुर दक्षिण के उपचुनाव को लेकर जारी है रणनीतिक कवायद
छत्तीसगढ़ की रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर इस वर्ष के अंत में उपचुनाव होने हैं. रायपुर दक्षिण के उपचुनाव को लेकर रणनीतिक कवायद जारी है. उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने वार्ड प्रभारियों के साथ करीब 5 दौर की बैठकें पूरी कर ली हैं.

रायपुर दक्षिण क्षेत्र में त्योहारी सीजन में दावेदारों की सक्रियता से सियासी गतिविधियां भी बढ़ गई हैं. नवरात्रि समेत विभिन्न त्योहारों के सामाजिक कार्यक्रमों में भिन्न-भिन्न दावेदार भागीदारी दिखा रहे हैं.प्रत्याशी चयन को लेकर पायलट की सर्वे रिपोर्ट का प्रतीक्षा है.
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट
पायलट की सर्वे रिपोर्ट का इंतजार
प्रभारी महासचिव सचिन पायलट स्वयं अपने स्तर पर दक्षिण की रिपोर्ट मांग रहे हैं. प्रभारी के स्तर पर सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर गतिविधियां प्रारम्भ हो पाएगी. फिलहाल पार्टी पायलट के रिपोर्ट का प्रतीक्षा कर रही है. इस रिपोर्ट के आने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी.
प्रभारी महासचिव सचिन पायलट ने स्वयं दक्षिण के मुद्दे में बैठक कर निर्देश दिए थे.
हर आसार तलाश रही कांग्रेस
रायपुर दक्षिण में बदली परिस्थितियों में कांग्रेस पार्टी सभी संभावनाएं टटोल रही है. बृजमोहन का चुनाव न लड़ना और केंद्र में उन्हें मंत्री न बनाए जाने के कारण कांग्रेस पार्टी इस सीट को लेकर थोड़ी अधिक कॉन्फिडेंस नजर आ रही है.
उपचुनाव एक तरह से विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती भी है. पार्टी के नेता और रणनीतिकार मानते हैं कि उप चुनाव में उन्हें सीधे गवर्नमेंट से ही जूझना होगा.
प्रदेश कांग्रेस पार्टी मुख्यालय राजीव भवन
नए चेहरे को मौका देने की तैयारी में कांग्रेस
इस बार संगठन किसी लोकप्रिय चेहरे को मौका देने की प्लान बना रहा है, ताकि बीजेपी के अजेय किले को तोड़ा जा सके. वहीं, कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता पहले से ही बाहरी उम्मीदवार का विरोध कर रहे हैं. ऐसे में संगठन पर चेहरा तय करने का दबाव भी बढ़ गया है.
दक्षिण के लिए बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता दावेदारी पेश कर रहे हैं. दूसरी ओर, क्षेत्र के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी इस बार से पहले ही प्रत्याशी का नाम घोषित कर दे, जिससे उन्हें तैयारी के लिए अधिक समय मिल सके.
एक सीट पर ही उपचुनाव
लोकसभा चुनाव में इस बार मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर लोकसभा से टिकट दी गई थी. रायपुर से उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. उनकी जीत के बाद रायपुर दक्षिण एक मात्र ऐसी सीट है, जहां उपचुनाव होंगे.
कांग्रेस जल्द ही वार्डों की समीक्षा करने की तैयारी में है. दूसरी तरफ बूथ कमेटियों के गठन के बाद इसका भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा. कमेटी में शामिल एक-एक पदाधिकारियों से सीधी चर्चा की जाएगी. जिससे असली सदस्यों का पता चल सके.
युवा कांग्रेस-NSUI भी बनाएंगे प्रभारी
उपचुनाव के लिए युवा कांग्रेस पार्टी और NSUI अपने वार्डवार प्रभारी भी नियुक्त करेंगे. इन प्रभारियों के पास पूरे वार्ड की जिम्मेदारी होगी. वे चल रही गतिविधियों की रिपोर्ट संगठन के उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे.
युवा कांग्रेस पार्टी और NSUI वार्ड वार प्रभारी की नियुक्ति के साथ ही ब्लॉक और अनुभाग के मुताबिक भी प्रभारी बनाएंगे जाएंगे. यह सभी प्रभारी अपने-अपने ब्लॉक और अपने-अपने अनुभव की पूरी गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगे.

