इलेक्टोरल बॉन्ड पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, कहा…

खुलासा करने में चयनात्मक न हो
इलेक्टोरल बॉन्ड मुद्दे में सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने बोला कि भारतीय स्टेट बैंक से सभी विवरण का खुलासा करने को बोला गया था और इसमें इलेक्टोरल बॉन्ड की संख्या भी शामिल थी. उच्चतम न्यायालय का बोलना है कि भारतीय स्टेट बैंक को विवरण का खुलासा करने में चयनात्मक नहीं होना चाहिए. उच्चतम न्यायालय का बोलना है कि वे चाहते हैं कि भारतीय स्टेट बैंक के पास इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जो भी जानकारी है वे सारी जानकारी सार्वजनिक की जाए. सुप्रीम न्यायालय का बोलना है कि चुनाव आयोग एसबीआई से जानकारी प्राप्त होने पर तुरंत अपनी वेबसाइट पर विवरण अपलोड करेगा.
सभी विवरणों का खुलासा करें
सुप्रीम न्यायालय ने एसबीआई को अपने पास में चुनावी बांड के सभी विवरणों का खुलासा करने का निर्देश दिया है, जिसमें भुनाए गए बांड की यूनीक अल्फ़ान्यूमेरिक संख्या और सीरियल नंबर, यदि कोई हो वो शामिल है. उच्चतम न्यायालय ने एसबीआई चेयरमैन को गुरुवार शाम 5 बजे तक एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया कि एसबीआई ने चुनावी बांड के सभी विवरणों का खुलासा किया है जो उसके कब्जे और हिरासत में थे और कोई भी विवरण छिपाया नहीं गया है.
हम संविधान के मुताबिक काम करते हैं- सीजेआई
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय से इस संबंध में कुछ निर्देश जारी करने पर विचार करने को बोला है. इस पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने बोला कि न्यायाधीशों के रूप में, हम सिर्फ़ कानून के शासन पर हैं और संविधान के मुताबिक काम करते हैं. हमारी न्यायालय सिर्फ़ इस राजनीति में कानून के शासन के लिए काम करने के लिए है. न्यायाधीशों के रूप में सोशल मीडिया पर हमारे बारे में चर्चा होती है लेकिन हमारे कंधे इसके लिए काफी मजबूत हैं. हम सिर्फ़ निर्णय के अपने निर्देशों को लागू कर रहे हैं. इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय ने 12 अप्रैल, 2019 से पहले खरीदे और भुनाए गए चुनावी बांड का खुलासा करने के लिए एसबीआई को निर्देश देने की मांग करने वाली एक अर्जी खारिज कर दी.

