Pollution: आंकड़ों के घोटाले के मुद्दे पर भड़क गया सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम न्यायालय ने पंजाब और हरियाणा गवर्नमेंट की जमकर खिंचाई की. न्यायालय ने बोला कि दोनों राज्यों ने पराली जलाने वालों के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की. न्यायालय ने बोला कि अगर ये सरकारें सच में कानून को लागू करने में रुचि रखती हैं तो कम से कम एक अभियोजन जरूर होगा.

पंजाब के सचिव से कहा- आाप लोगों को बख्श रहे
सुप्रीम न्यायालय ने पंजाब के मुख्य सचिव से बोला कि करीब 1080 उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन आपने केवल 473 लोगों से हल्की जुर्माना वसूला है. आप 600 या उससे ज्यादा लोगों को बख्श रहे हैं. हम आपको साफ-साफ बता दें कि आप उल्लंघनकर्ताओं को यह संकेत दे रहे हैं कि उनके विरुद्ध कुछ नहीं किया जाएगा. यह पिछले तीन वर्षों से हो रहा है.
हर मिनट बदल रहे आंकड़े- हरियाणा से शीर्ष अदालत
हरियाणा के मुख्य सचिव ने उच्चतम न्यायालय को कहा कि 400 फसल जलाने की घटनाएं हुईं. साथ ही राज्य में 32 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इस पर सुप्रीम न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए बोला कि पराली जलाने वालों के आंकड़ों के बारे में असत्य कहा जा रहा है. आंकड़े हर मिनट बदल रहे हैं.
शीर्ष न्यायालय ने बोला कि हरियाणा लोगों का चयन कर रहा है. उसके मुताबिक कुछ लोगों से मुआवजा लिया जा रहा और कुछ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा रही है. पीठ ने कहा, ‘हम कुछ पर एफआईआर दर्ज करने और कुछ पर हल्की जुर्माना लगाने को लेकर चिंतित हैं.‘
पराली के बारे में क्या किया जा रहा?
सुप्रीम न्यायालय ने हरियाणा के मुख्य सचिव से पूछा, पराली के बारे में क्या किया जा रहा है और क्या किसानों को कुछ प्रदान किया गया है? इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि पराली के निस्तारण के लिए करीब एक लाख मशीनें दी गई हैं, जिससे पराली जलाने में कमी आई है.
सुप्रीम न्यायालय ने बोला कि केंद्र और पंजाब तथा हरियाणा राज्यों को यह याद दिलाने का समय आ गया है कि प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहना नागरिकों का मौलिक अधिकार है. उच्चतम न्यायालय ने बोला कि ये अनुच्छेद 21 के अनुसार मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है.
दिवाली के बाद होगी अब मुद्दे में सुनवाई
वायु प्रदूषण के मुद्दे को दीपावली के बाद स्थगित करते हुए सर्वोच्च कोर्ट ने बोला कि वह दिल्ली में परिवहन से उत्पन्न प्रदूषण, शहर में भारी ट्रकों के प्रवेश और खुले में कूड़ा जलाने के मुद्दों पर विचार करेगा.

