राष्ट्रीय

सुवेंदु ने बंगाल पर विजय प्राप्त करने को लेकर पेश किया ये प्लान

पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष यानी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर अभी से सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है इस बीच, विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक शुवेंदु अधिकारी के एक बयान ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है मंगलवार को उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए बोला कि भाजपा सत्ता में आने के बाद ‘मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर फेंक देगी’ अधिकारी के इस बयान को तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने ‘नफरत फैलाने वाला’ करार देते हुए उनकी ‘मानसिक स्थिति’ पर प्रश्न उठाए हैं

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शुवेंदु अधिकारी के इस बयान के बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है खासतौर पर तब जब सोमवार को भाजपा की हल्दिया से विधायक तपसी मोंडल तृणमूल कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई थीं इसके अगले ही दिन अधिकारी ने ममता गवर्नमेंट को ‘सांप्रदायिक प्रशासन’ बताते हुए बोला कि यह ‘मुस्लिम लीग का दूसरा संस्करण’ बन चुका है हिन्दुस्तान टाइम्स बांग्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने दावा किया कि ‘इस बार बंगाल की जनता तृणमूल को उखाड़ फेंकेगी’ अधिकारी ने इसके साथ ही कहा, ‘2026 में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के टिकट पर जीतने वाले किसी भी मुसलमान विधायक को सड़क पर फेंक दिया जाएगा

टाइम्स ऑफ इण्डिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने शुवेंदु अधिकारी के बयान की कड़ी निंदा की है उन्होंने बोला कि ‘एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह की भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता संसद और विधानसभाओं में बहस और तर्क-वितर्क हो सकते हैं, लेकिन धर्म को आधार बनाकर विधायकों को निशाना बनाना संविधान के सिद्धांतों के विरुद्ध है यह खतरनाक, उत्तेजक और आपराधिक कृत्य है

उधर भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने शुवेंदु अधिकारी के बयान पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब अधिकारी की बयानबाजी से उनकी ही पार्टी में असहजता पैदा हुई हो इससे पहले, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद, अधिकारी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर प्रश्न उठाते हुए बोला था, ‘हम केवल उन्हीं के साथ हैं जो हमारे साथ हैं हमें किसी माइनॉरिटी मोर्चा की आवश्यकता नहीं है” उनके इस बयान से पार्टी के भीतर भी असहमति देखने को मिली थी, और कई भाजपा नेताओं ने इस बयान से स्वयं को अलग कर लिया था

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