अनंतनाग में सर्च ऑपरेशन के चलते आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर चलायी गोली
अनंतनाग: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकियों के साथ एनकाउंटर में इंडियन आर्मी के कर्नल मनप्रीत सिंह, बटालियन कमांडर मेजर आशीष धोनई और जम्मू और कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट्ट शहीद हो गए। अनंतनाग में सर्च ऑपरेशन के चलते आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोली चला दी। सेना और पुलिस अब दोनों पाकिस्तानी आतंकियों के सफाए के लिए ऑपरेशन चला रही है, जो उनके मारे जाने तक जारी रहेगा। हालांकि एनकाउंटर में दो आतंकवादी मारे गए हैं। जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग तथा राजौरी में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर हुई थी। पाक से आए आतंकियों की तरफ से होने वाले इस दुस्साहस ने एक बार फिर याद दिलाया कि घाटी से आतंक का सफाया अभी बाकी है। बता दें कि मंगलवार और बुधवार रात खुफिया समाचार प्राप्त होने के बाद इस ऑपरेशन को आरम्भ किया गया था। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन प्रारम्भ करते ही आतंकियों ने गोलीबारी आरम्भ कर दी। दोपहर 1 बजे तक सेना के ऑफिसर के जख्मी होने की समाचार आई गई थी। 
अफसर ने कहा कि पुलिस और सेना की एक संयुक्त टीम ने अनंतनाग के कोकरनाग के हलूरा गंडूल क्षेत्र में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। जैसे ही संयुक्त टीम संदिग्ध जगह की तरफ बढ़ी। सुरक्षाबल के अफसर उस जगह पर चढ़ गए, जहां 2-3 आतंकियों के छिपने की समाचार प्राप्त हुई थी, किन्तु जैसे-जैसे वे ऊपर चढ़े, तो वहां पहले से छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी आरम्भ कर दी। जिससे एनकाउंटर प्रारम्भ हो गई। गोलीबारी के चलते सेना के एक अधिकारी एवं एक पुलिस अधिकारी को गोली लग गई। शीघ्र में हेलिकॉप्टर से मुठभेड़ में चोटिल अधिकारीयों को एयरलिफ्ट किया गया। कहा जाता है कि धावा करने वाले आतंकी पाकिस्तानी हैं।
कर्नल मनप्रीत सिंह कर रहे थे टीम को लीड
इलाके में आतंकियों के विरुद्ध ऑपरेशन मंगलवार शाम को प्रारम्भ हुआ था लेकिन रात के दौरान रोक दिया गया था। ऑफिसरों ने कहा कि आतंकियों की तलाश बुधवार सुबह फिर से प्रारम्भ की गई जब जानकारी सामने आई कि उन्हें एक जगह पर देखा गया है। कर्नल मनप्रीत सिंह ने ऑपरेशन का नेतृत्व करते हुए आतंकियों पर धावा बोल दिया। हालाँकि, आतंकियों ने जवाबी कार्रवाई में गोलीबारी की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
मेजर आशीष को इसी साल किया जाना था सम्मानित:-
बता दें कि इसी साल मेजर आशीष को सेना मेडल से सम्मानित किया जाना था। किन्तु उनके सीने पर मेडल लगता, उससे पहले ही वो शहीद हो गए। सेना के लिए कितनी बड़ी क्षति है, उसे आप इंडियन आर्मी के पदक्रम से समझ सकते हैं।
सेना में ये है अधिकारी रैंक का क्रम:-
फील्ड मार्शल
जनरल
लेफ्टिनेंट जनरल
मेजर जनरल
ब्रिगेडियर
कर्नल
लेफ्टिनेंट कर्नल
मेजर
कैप्टन
लेफ्टिनेंट
पंचकूला के रहने वाले थे कर्नल मनप्रीत सिंह
जम्मू कश्मीर में शहीद हुए पंचकूला के कर्नल मनप्रीत सिंह पंचकूला के सेक्टर 26 के निवासी थे। पंचकूला स्थित उनके आवास पर उनकी धर्मपत्नी जगमीत ग्रेवाल, बहन एवं जीजा मौजूद हैं। धर्मपत्नी जगमीत ग्रेवाल को अभी तक कर्नल मनप्रीत की वीरगति की समाचार नहीं दी गई है। उनकी पत्नी को अभी इतना ही कहा गया है कि वह चोटिल हुए हैं।
मेजर आशीष धोनैक:-
अनंतनाग में आतंकवादियों से हुई एनकाउंटर में शहीद होने वाले मेजर आशीष धोनैक हरियाण के पानीपत के रहने वाले थे। मेजर आशीष मूल रूप से गांव (पानीपत) बिंझौल के रहने वाले थे। हाल ही में मेजर आशीष का परिवार पानीपत के सेक्टर-7 में रहता है। जवान की वीरगति के बाद परिवार में मातम का माहौल है। उनके घर पर पड़ोसी और संबंधियों का पहुंचना प्रारम्भ हो गया है। आशीष धोनैक तीन बहनों में इकलौते भाई थे। मेजर आशीष की 2 वर्ष पहले ही मेरठ से जम्मू में पोस्टिंग हुई थी। मेजर आशीष 2 वर्ष की बेटी के पिता हैं।
DSP हुमायूं भट की 2 महीने की बेटी है
अफसरों ने कहा कि DSP हुमायूं भट की 2 महीने की बेटी है। जम्मू और कश्मीर पुलिस के सेवानिवृत्त आईजी गुलाम हसन भट के बेटे हुमायूं भट को बहुत अधिक खून बहने के कारण बचाया नहीं जा सका।
वही अनंतनाग में धावा करने वाले दोनों आतंकियों को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है। दोनों पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी हैं। एक द रसिस्टेंस फ्रंट का कमांडर बाशित डार है, तो दूसरा लश्कर-ए-तैय्यबा का आतंकवादी यूज़ेर है। जिन्हें ढेर करने के लिए इंडियन आर्मी ने ऑपरेशन छेड़ दिया है।

