नापाक मंसूबों को लेकर भारत में दाखिल हुई विदेशी खिलाड़न, तभी अधिकारियों ने उठाया ये कदम
Airport News: अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए विदेशी खिलाड़न ने बड़ी गहरी षड्यंत्र रची थी। षड्यंत्र के तहत, पहले वह घुसपैठ कर भारतीय सीमा में दाखिल हुई, और फिर अपने मूंसूबों को अंजाम देने की फिरांक में लग गई। महीनों की लंबी तैयारी के बाद अब वह सभी व्यवस्था हो चुके थे, जिसकी सहायता से वह अपनी षड्यंत्र को अंतिम अंजाम तक पहुंचा सकती थी। यह विदेशी खिलाड़न अपनी षड्यंत्र को अंजाम देने ही वाली थी, लेकिन तभी…

दरअसल, यह मुद्दा दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशन एयरपोर्ट का है और इस षड्यंत्र को अंदाम देने आई विदेशी खिलाड़न का नाम सबीना गुरंग है। इस पूरे मुद्दे में नेपाल, हिंदुस्तान और हांगकांग का ट्रैंगल है। दरअसल, सबीना का अंतिम मकसद हांगकांग तक पहुंचना था। लेकिन, वह चाहते हुए नेपाल से सीधे हांगकांग नहीं जा सकती थी। लिहाजा, उसने हिंदुस्तान के रास्ते अपनी षड्यंत्र को अंजाम देने का निर्णय किया। और कुछ ही दिनों में वह हिंदुस्तान की सीमा में दाखिल हो गई्
कुछ ही दिनों में तैयार हुए नकली दस्तावेज
गैरकानूनी ढंग से हिंदुस्तान में रहते हुए सबीना ने अपनी षड्यंत्र को अंजाम देने की तैयारी प्रारम्भ कर दी। उसने एक-एक कर वह सभी दस्तावेज जुटाना प्रारम्भ कर दिया, जिनकी सहायता से वह अपने मंसूबे पूरा करने वाली थी। कुछ ही दिनों, में जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड के साथ-साथ पासपोर्ट भी बनकर तैयार हो गया। अब तक षड्यंत्र का पहला चरण पूरा हो चुका था। दूसरे चरण को पूरा करने के लिए सबीना ने हांगकांग की टिकट बुक कराई और वीजा तैयार भी हो गया।
आईबी को लगी सबीना के मंसूबों की भनक
प्लान के तहत, 4 अगस्त को सबीना आईजीआई एयरपोर्ट पहुंच गई। चेक-इन की प्रक्रिया पूरी कर सबीना अब ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के काउंटर पर खड़ी थी। डॉक्यूमेंट स्क्रुटनी के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी को सबीना के इरादों के बारे में पता चल गया। जिसके बाद, आईबी अधिकारी ने सबीना को हिरासत में लेकर आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने इमिग्रेशन ब्यूरो की कम्पलेन पर एफआईआर दर्ज कर सबीना को अरैस्ट कर लिया है।
दो महीने के लिए पहले भी जा चुकी है विदेश
आईजीआई एयरपोर्ट की डीसीपी उषा रंगनानी के अनुसार, अरैस्ट हुई महिला की पहचान 28 वर्षीय सबीना गुरंग के तौर पर हुई है। वह मूल रूप से नेपाल के लमजुंग की रहने वाली है। उसके कब्जे से भारतीय पासपोर्ट किया गया है। जांच के दौरान, पता चला है कि वह दो महीनों के लिए पहले भी हांग कांग जा चुकी है। जांच में, नेपाल मूल के सुनील थाना नामक एक शख्स का भी नाम सामने आया है।

