जो देश आतंकवादियों को भेजेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा : तरुण चुघ
नई दिल्ली, 26 अप्रैल . पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना पर हिंदुस्तान गवर्नमेंट द्वारा सिंधु जल संधि के निलंबन पर पाक की ओर से आई गीदड़ भभकी पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बोला कि आतंकियों को भेजने वाला राष्ट्र अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
शनिवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से वार्ता के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बोला कि पीएम मोदी की गवर्नमेंट ने यह साफ कर दिया है कि जो राष्ट्र आतंकियों को भेजेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. पानी की एक बूंद भी नहीं दी जाएगी. उन्होंने बोला कि संधियां सिर्फ़ वहां अर्थ रखती हैं जहां विश्वास होता है. जो बार-बार विश्वासघात करे उसे सबक सिखाना महत्वपूर्ण है. इसलिए, आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखाना जरूरी है. पहलगाम में दानव बन आए आतंकियों पर सख्त कार्रवाई हो इसके लिए पूरा राष्ट्र एकजुट है.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा सभी राज्यों को भेजे गए निर्देश पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव ने बोला कि गृहमंत्री द्वारा राज्यों को जारी निर्देश राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के अनुसार कठोर कार्रवाई की आरंभ है. संदेश पक्का है, राष्ट्रीय भलाई सर्वोच्च है और हिंदुस्तान की धरती किसी भी रूप में आतंकवाद या उसके समर्थकों के लिए पनाहगाह नहीं बनेगी.
वक्फ कानून के विरुद्ध मुर्शिदाबाद में हुई अत्याचार पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव ने बोला कि मुर्शिदाबाद में सुनियोजित ढंग से हिंदुओं पर धावा किया गया. यह सब बंगाल की गवर्नमेंट के कारण हुआ है और गवर्नमेंट की खामोशी इसका सबूत दे रही है. स्त्रियों और बच्चों पर अत्याचार की दिल दहलाने वाली कहानियां सामने आ रही हैं. ममता बनर्जी ने तुष्टिकरण की राजनीति के लिए अपराधियों को खुली छूट दी है. हिंदुओं पर अत्याचार किया जा रहा है. यह बहुत ही दूर्भाग्यपूर्ण है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उच्चतम न्यायालय से मिली फटकार पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बोला कि राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन लगातार स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले परिवारों की विरासत को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं. एक बार फिर उच्चतम न्यायालय ने राहुल गांधी को ऐतिहासिक तथ्यों की याद दिलाई है. बार-बार फटकार के बावजूद उन्हें कोई पश्चाताप नहीं है, यह उनकी सियासी जिद नहीं, बौद्धिक दिवालियापन को दर्शाता है. चुनाव में लगातार हारने वाले राहुल गांधी को उच्चतम न्यायालय से फटकार मिली है. कांग्रेस पार्टी को तय करना चाहिए कि उन्हें अपनी पार्टी चलाना है या फिर राष्ट्र के स्वतंत्रता सेनानियों के अपमान का केंद्र चलाना चाहते हैं.

