राष्ट्रीय

स्कूल से वापस लौट रही छात्राओं को जिंदा ही जला देना चाहते थे सनकी, जल्द ही धर दबोचे जाएंगे फरार बदमाश

ओडिशा में बालासोर में छात्रा के आत्मदाह के बाद एक और दिल दहलाने वाली समाचार आ रही है. पुरी के निमापाड़ा ब्लॉक में दो छात्राओं को जलाने की प्रयास की गई है. दरअसल, बयाबर गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन अज्ञात युवकों ने एक 12वीं की छात्रा को रास्ते में रोककर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी. घटना शनिवार की बताई जा रही है. इस घटना में लड़कियों के हाथ और पैर बुरी तरह से झुलस गए हैं.
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स्थानीय लोगों की तुरंत सहायता और दमकल से आग जल्द ही बुझाई गई. गंभीर रूप से झुलसी छात्रा को जल्दबाजी में भुवनेश्वर के एक हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे फिलहाल क्रिटिकल कंडीशन में रखा गया है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच प्रारम्भ कर दी है. फरार लुटेरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भिन्न-भिन्न जगहों पर छापामार कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है. फिलहाल हमले का मकसद अस्पष्ट है. आरोपी कौन हैं, इसकी पहचान भी नहीं हो पाई है.

इस घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में व्यापक रोष और डर व्याप्त है. स्त्री विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रश्न उठने लगे हैं. लोगों ने इस गंभीर क्राइम की निंदा करते हुए गवर्नमेंट और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है. गवर्नमेंट और पुलिस ने दोनो मामलों को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है. बालासोर के मुद्दे में एक यूनिवर्सिटी आर्थिक सहायता आयोग (UGC) की चार सदस्यीय टीम ने जांच प्रारम्भ कर दी है. आरोपी शिक्षक को अरैस्ट कर लिया गया है.

हाल ही में ओडिशा के बालासोर जिले के एफएम कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा की आत्मदाह की ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था. छात्रा ने 2 जुलाई को स्वयं पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली थी. 90% झुलस जाने की वजह से उसे कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां 6 जुलाई को उसकी मृत्यु हो गई.

छात्रा ने इल्जाम लगाया कि कॉलेज के एक शिक्षक और विद्यार्थी द्वारा लंबे समय से परेशान किया जा रहा था. घटना से पहले आरोपी शिक्षक ने उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित कर जबरन लिखित माफीनामा देने के लिए विवश किया. यहीं, उस स्त्री के अपमान और मानसिक उत्पीड़न खुदकुशी की वजह बना था

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