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अस्पतालों में डॉक्टरों के खराब रिकॉर्ड देख हैरान है सरकार, जानें होगा अंजाम…

हरियाणा के अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले रोगी कई डाक्टरों के व्यवहार से परेशान हैं. किसी का इल्जाम है कि डाक्टर ने उनकी रोग के बारे में ठीक से नहीं कहा तो किसी ने बोला कि डाक्टर ने रोग से संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया. बहुत से लोग डाक्टरों के समय पर हॉस्पिटल नहीं आने को लेकर परेशान हैं. प्रदेश गवर्नमेंट द्वारा नेशनल हेल्थ मिशन के माध्यम से प्रारम्भ की गई हेल्पलाइन 104 पर लगातार शिकायतें आ रही हैं.

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एनएचएम ने 104 हेल्पलाइन सरकारी अस्पतालों में आमजन की सुविधा के लिए प्रारम्भ की है. हरियाणा में इस हेल्पलाइन 104 के जरिए कुल 409 शिकायतें मिली हैं. इनमें से 337 का विभाग निपटान कर चुका है, जबकि 72 पर जांच चल रही है. अब तक आई ज्यादातर शिकायतों में डाक्टरों का व्यवहार ठीक न होना, अस्पतालों की सफाई प्रबंध न होने से संबंधित हैं. रोहतक, नूंह, करनाल और गुरुग्राम जिलों से डॉक्टरों के विरुद्ध सबसे अधिक शिकायतें मिली हैं. एनएचएम की टीम द्वारा सोनीपत जिले की एक कम्पलेन को आनें वाले कार्रवाई के लिए निदेशालय के पास भेजा गया है. एनएचएम को अधिकांश शिकायतें मिल रही हैं कि एम्बुलेंस पर रोस्टर के अनुसार ड्राइवर और ईएमटी काम नहीं कर रहे हैं. बाकायदा एक-दूसरे के जगह पर ड्यूटी करते हैं या कुछ समय के लिए गायब रहते हैं. नोडल अधिकारी डाक्टर गादविंद्र सिंह का बोलना है कि पंचकूला में कॉल सेंटर भी बनाया गया है. जहां कॉल सेंटर पर बैठे सीट एजेंट द्वारा सभी कॉल्स को रिसीव किया जा रहा है.

इसके लिए एजेंट को ट्रेनिंग भी उपलब्ध करवाई गई है. हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है. उन्होंने संबंधित जिलों के नोडल ऑफिसरों को इन सभी मामलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री राव ने बोला कि एनएचएम की इस पहल के रिज़ल्ट आने प्रारम्भ हो गए हैं. हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों को विभाग ने गंभीरता से लिया है, इनमें से अधिकांश शिकायतों का निवारण कर दिया गया है, जल्द ही बाकी शिकायतों का भी समय रहते निवारण कर दिया जाएगा.

फार्मेसी अधिकारी पर फर्जीवाड़े के आरोप

स्वास्थ्य विभाग में एक फार्मेसी अधिकारी के फर्जीवाड़े के विरुद्ध कर्मचारियों ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को कम्पलेन देकर कार्रवाई की मांग की है. उक्त अधिकारी एक ही समय में दो स्थान मौजूद रहा है. आश्चर्यजनक बात यह है कि इस मुद्दे में एक अधिकारी ने कर्मचारी को गुनेहगार मानते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए तो उसके छुट्टी जाते ही कार्रवाई के आदेश को वापस लेकर इल्जाम मुक्त कर दिया. विभाग के पूर्व फार्मेसी अधिकारी जसविंदर जीत सिंह ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को दी कम्पलेन में बोला है कि फार्मेसी अधिकारी योगेश्वर शर्मा पंचकूला में तैनात हैं. योगेश्वर ने एक तरफ जॉब पर अपनी दैनिक हाजिरी लगाई तो उसी समय में वह पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई करते रहे. उनकी दोनों तरफ हाजिरी लगाई गई. उक्त कर्मचारी ने सिविल अस्पताल, पंचकूला में दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक ड्यूटी देते हुए बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई. वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक कक्षा में उपस्थिति दर्ज करवाई. यह साफ रूप से उनकी पढ़ाई और सरकारी ड्यूटी के बीच ओवरलैपिंग कार्य घंटों को दर्शाता है. पंचकूला में तैनाती के दौरान प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर द्वारा उन्हें डिस्पेंसरी का प्रभार सौंपा गया था. जिसके चलते वह कभी-कभी कक्षा के समय में वीआईपी ड्यूटी भी करते रहे. गवर्नमेंट ने इस मुद्दे की जांच एचसीएस अधिकारी को सौंपी है. अधिकारी ने जांच के बाद नियम-7 के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की. इस पर महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा डॉमनीष बंसल ने कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए.

एआई, स्वच्छ वायु परियोजनाओं के लिए नए पद सृजित

हरियाणा गवर्नमेंट ने हरियाणा एआई विकास परियोजना (एचएआईडीपी) और सतत विकास हेतु हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना (एचसीएपीएसडी) के अलावा, अन्य बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं हेतु स्पेशल पपर्ज व्हीकल (एसपीवी) के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के दो नए पद सृजित किए हैं. आईएएस अधिकारी जे़ गणेशन को एचएआईडीपी और एचसीएपीएसडी के स्पेशल पपर्ज व्हीकल हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के नवसृजित पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है. हारट्रोन के एमडी, सभी के लिए आवास विभाग के महानिदेशक, हाउसिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक, हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के व्यवस्था निदेशक की जिम्मेदारी उनके पास पहले की तरह बनी रहेगी. वहीं एचसीएस अधिकारी दीपक कुमार उनके वर्तमान कार्यभार के अतिरिक्त एचएआईडीपी और एचसीएपीएसडी के स्पेशल पपर्ज व्हीकल के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार सौंपा है. ये दोनों अधिकारी प्रदेश में प्रमुख प्रौद्योगिकी और पर्यावरण संबंधी पहलों के कार्यान्वयन की देखरेख करेंगे.

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