जंग का मैदान बनी जेल, कैदियों ने चलाए पत्थर, काबू में करने के लिए पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
चंडीगढ़। कारावास में कैदियों के बीच विवाद की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। बंदियों का कारावास ऑफिसरों के साथ एनकाउंटर भी कोई नयी बात नहीं है, लेकिन यदि हाई सिक्योरिटी कारावास में पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़ जाएं तो जेल में गंभीर हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसा ही मुद्दा पंजाब के गुरदासपुर सेंट्रल कारावास में सामने आया है। कैदियों ने कारावास ऑफिसरों और पुलिस पर पथराव किया तो वहीं पुलिस ने भी उग्र कैदियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। कारावास परिसर से काला धुआं उठता देखा गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है।

जानकारी के अुनसार, पंजाब के गुरदासपुर जिले में केंद्रीय कारावास के कैदियों ने कारावास कर्मचारियों के दुर्व्यवहार से परेशान होकर बृहस्पतिवार को उनपर पथराव किया और तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। ऑफिसरों ने कहा कि धारीवाल पुलिस पुलिस स्टेशन के प्रभारी मनदीप सिंह सलगोत्रा सहित 5 पुलिसकर्मी तथा कुछ कैदी इस घटना में घायल हो गए हैं। इससे पहले बोला गया था कि कारावास में कैदियों के दो गुटों के बीच झड़प हो गई है।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
गुरदासपुर सेंट्रल कारावास में कैदियों और पुलिस के बीच विवाद के बाद कारावास में हालात काफी संवेदनशील हो गया है। कैदियों ने कारावास कर्मचारियों और ऑफिसरों पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं। कैदियों का बोलना है कि उनके साथ न सिर्फ़ दुर्व्यवहार किया जाता है, बल्कि अनावश्यक ढंग से कड़े प्रतिबंध भी लगा दिए गए हैं। कथित तौर पर कैदी कारावास के कर्मचारियों के दुर्व्यवहार, मुनासिब चिकित्सा इलाज नहीं मिलने और कड़े प्रतिबंधों से परेशान थे। अब गुरदासपुर के उपायुक्त हिमांशु अग्रवाल ने उप संभागीय मजिस्ट्रेट को घटना की जांच करने का निर्देश दिया है।
जेल के एक हिस्से पर कब्जा
भड़के हुए कैदियों ने पुलिस फोर्स पर धावा कर कई पुलिसवालों को गिरफ्त में ले लिया और उन्हें अपनी बैरकों में ले गए। कैदी इस कदर भड़के हुए थे कि पुलिस फोर्स बैरकों में घुसने की हौसला नहीं कर सका। कैदियों की गिरफ्त में फंसे जेलकर्मियों को छुड़ाने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। कैदियों ने हंगामा के बाद कारावास के पिछले हिस्से में छत पर कब्जा कर लिया। कैदियों ने पहले पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद कपड़ों में आग लगा दी, जिससे हर तरफ धुआं फैल गया। पुलिस ने कैदियों को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की। इसके बाद आंसू गैस के गोले भी दागे गए।

