RSS लीडर ने पाकिस्तान को लेकर दी तीखी प्रतिक्रिया, कहा- कोई डरने वाला नहीं है…
Ram Madhav on Asim Munir: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता राम माधव ने पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर की परमाणु धमकी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बोला कि मुनीर के न्यूक्लियर थ्रेट से कोई डरने वाला नहीं है। पीएम ने इसका ठीक उत्तर पहले ही दे दिया है। हिंदुस्तान को कोई भी परमाणु ब्लैकमेल से डरा नहीं सकता और आवश्यकता पड़ी तो हिंदुस्तान इसका उचित उत्तर देने में सक्षम है। मुनीर ने हिंदुस्तान को लेकर यह धमकी दी थी जिस पर हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी कड़ा विरोध जताया था और पाक को रिज़ल्ट भुगतने की चेतावनी दी थी।

ट्रंप एक ट्रांजैक्शनल नेता हैं
असल में राम माधव ने अमेरिका और उसके रवैये पर भी टिप्पणी की। उन्होंने बोला कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अक्सर हल्के में लिया जाता है लेकिन वे एक ट्रांजैक्शनल नेता हैं और उनकी अहमियत सिर्फ़ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने बोला कि ट्रंप घातक नेताओं से भी वार्ता करते हैं। जैसे उन्होंने उत्तर कोरिया के किम जोंग-उन से मुलाकात की थी। यह उनकी कार्यशैली है। हमें इससे भावुक होने की आवश्यकता नहीं है।
अमेरिका मुनीर से राजनीति कर रहा
उन्होंने अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों की याद दिलाते हुए बोला कि पहले भी अमेरिका ने अपने हितों के लिए पाक के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से हाथ मिलाया था जबकि वह आतंकवाद को समर्थन देते थे। राम माधव ने बोला कि आज अमेरिका मुनीर से वही राजनीति कर रहा है। लेकिन हिंदुस्तान अपने रणनीतिक हितों के हिसाब से आगे बढ़ता है और किसी भी दबाव में नहीं आता।
भारत किसी एक धुरी पर निर्भर नहीं
RSS नेता ने चीन के साथ रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान और चीन के बीच मतभेदों के बावजूद 140 अरब $ से अधिक का व्यापारिक संबंध है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहमदाबाद मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान हर राष्ट्र के साथ रणनीतिक स्वायत्तता के सिद्धांत पर काम करता है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हिंदुस्तान किसी एक धुरी पर निर्भर नहीं रहता और सभी राष्ट्रों के साथ अपने भलाई के अनुसार संबंध बनाए रखता है।
राम माधव ने भरोसा जताया कि भारत-अमेरिका के संबंध भी लंबे समय तक स्थिर रहेंगे। उन्होंने बोला कि कभी-कभी मतभेद दिखते हैं, जैसे हाल ही में अमेरिका ने भारतीय सामान पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया और रूस से ऑयल आयात को लेकर हिंदुस्तान पर प्रश्न खड़े किए। लेकिन इन सबके बावजूद हिंदुस्तान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना जानता है और किसी भी धमकी या दबाव से पीछे हटने वाला नहीं है।

