राहुल-तेजस्वी की वोटर यात्रा में बड़ा विवाद हुआ खड़ा
कांग्रेस नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी इन दिनों बिहार में वोटर अधिकार यात्रा पर हैं। इस यात्रा में उनके साथ आरजेडी नेता और पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में दरभंगा में हुई एन जनसभा के वीडियो ने राजनीतिक हलचलें बढ़ा दी हैं। दरअसल इस वीडियो में राहुल गांधी के मंच से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की मां को लेकर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद भाजपा का भी पलटवार सामने आया है।

बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल-तेजस्वी की वोटर यात्रा में बड़ा टकराव खड़ा हो गया। भाजपा ने इल्जाम लगाया है कि राहुल गांधी की रैली में मंच से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां हीराबेन मोदी के विरुद्ध बहुत अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। भाजपा का बोलना है कि इस तरह की भाषा भारतीय राजनीति में कभी नहीं सुनी गई।
बीजेपी ने क्या कहा?
बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन पर धावा बोला। पार्टी ने लिखा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा अब बिहार की जनता के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली यात्रा बन गई है। भाजपा ने इल्जाम लगाया कि यात्रा के मंच से पीएम मोदी की माताजी के लिए जिस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह राजनीति की सारी मर्यादाओं को तोड़ देता है।
बिहारियों का अपमान कराया
बीजेपी का बोलना है कि यह यात्रा अपमान, घृणा और स्तरहीनता की नयी मिसाल बन गई है। पार्टी ने यह भी इल्जाम लगाया कि राहुल और तेजस्वी ने पहले तो तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और तेलंगाना कांग्रेस पार्टी नेता रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं को बुलाकर बिहार की जनता का अपमान कराया, और अब वे पीएम की स्वर्गीय माताजी को निशाना बना रहे हैं।
बिहारियों के भावनाओं का अपमान
बीजेपी नेताओं ने बोला कि मंच से जिस तरह के गाली-गलौज वाले शब्द कहे गए, उन्हें सार्वजनिक मंच पर दोहराना भी संभव नहीं है। उनका बोलना है कि यह सिर्फ़ पीएम पर धावा नहीं, बल्कि बिहार की जनता और उनकी भावनाओं का अपमान भी है।
बिहार की जनता माफ नहीं करेगी
बीजेपी ने तीखा धावा करते हुए बोला कि राहुल और तेजस्वी यदि हजार बार उठक-बैठक लगाकर माफी भी मांग लें, तब भी बिहार की जनता इस गलती को माफ़ नहीं करेगी। पार्टी का इल्जाम है कि विपक्ष अब मुद्दों पर नहीं, बल्कि गाली-गलौज की राजनीति पर उतर आया है।
राहुल गांधी की इस यात्रा को कांग्रेस पार्टी 2025 के चुनाव से पहले जनता से सीधे जुड़ने का बड़ा अभियान बता रही है, लेकिन भाजपा का बोलना है कि यह यात्रा लोकतंत्र के बजाय अपमान और नकारात्मक राजनीति का प्रतीक है।

