नए साल पर होगा नया धमाका! मेट्रो की हुई छुट्टी, अब दिल्ली में पलक झपकते ही उपलब्ध होगी ई-बस
New E-Buses in Delhi: नए वर्ष पर दिल्ली के लोगों को बड़ी अच्छी-खबर मिलने जा रही है। मेट्रो ट्रेनों में बढ़ती भीड़ से परेशान लोग अब मिनटों में बस पकड़कर यात्रा को आसान बना सकेंगे। सबसे खास बात है कि ये सभी बसें इलेक्ट्रिक होंगी। दिल्ली गवर्नमेंट के परिवहन विभाग ने कुल 5 हजार ई-बसों की खरीद फाइनल कर दी है। इन बसों की आपूर्ति दो निर्माताओं के द्वारा मार्च 2026 तक करने की आशा जताई जा रही है।

दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी के अनुसार इन बसों के आने के बाद दिल्ली सबसे बड़े ई-बस बेड़े वाले राज्यों में से एक बन जाएगा। इसके लिए राजधानी में 25 डिपो को पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड कर दिया गया है। जबकि बाकी बची सभी बस डिपो को अगले 4 महीनों में ई-बसों के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया जाएगा।
एक बार इन ई-बसों के ऑपरेशनल होने के बाद दिल्ली का ई-बस बेड़ा 5000 बसों की संख्या को पार कर देगा और इसे हिंदुस्तान के सबसे बड़े जीरो उत्सर्जन बस नेटवर्क में से एक बना देगा।
दिल्ली में फिलहाल डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम के अनुसार 3400 बसें चलाई जा रही हैं। राजधानी में 63 बस डिपो हैं और 16 बस टर्मिनल हैं। इनमें से 23 क्लस्टर बस डिपो हैं और 40 डीटीसी के डिपो हैं।
बता दें कि दिल्ली में लागू इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के मुताबिक दिल्ली गवर्नमेंट ने वर्ष 2026 तक अपने बस बेड़े में 10480 बसें शामिल करने का लक्ष्य बनाया है, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत यानि 8280 ई बसें हैं।
अधिकारियों की मानें तो ई-बसों को चार्ज करने के लिए सभी डिपो को इलेक्ट्रिफाई करने का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि बसों की संख्या कम होने के बावजूद त्यौहार पर बसों का संचालन पूरे शहर में थोडे़ बहुत परिवर्तन के साथ किया गया है जैसे दिल्ली के कुछ कम भीड़ वाले रूटों पर बसों की फ्रीक्वेंसी घटाई गई है और यात्रियों की मांग के अनुरूप उन जगहों पर पीक आवर्स में बढ़ाई गई है जहां यात्रियों की संख्या अधिक होती है। ताकि लोगों को अधिक प्रतीक्षा न करना पड़े।
फिलहाल दिल्ली के बस बेड़े में करीब 5 हजार बसें शामिल हैं, जिनमें सीएनजी, बड़ी इलेक्ट्रिक बसें और नौ मीटर वाली देवी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। हालांकि नयी ई-बसों के आने के बाद केवल ई-बसों की ही संख्या 5 हजार से ऊपर हो जाएगी। ऐसे में न सिर्फ़ यह पर्याववरण के लिए बल्कि सार्वजनिक परिवहन के लिए भी बेहतर सुविधा होगी।

