तमिलनाडु में चुनाव से पहले ही ठग गई बीजेपी, इस नेता ने दिया सनसनीखेज बयान
AIADMK: अमित शाह ने पिछले हफ्ते ही चेन्नई में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में AIADMK साथ गठबंधन की घोषणा की थी. अमित शाह ने बोला था कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और तमिलनाडु में पलानीस्वामी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा. लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही आईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव ई.के. पलानीस्वामी ने बुधवार को बड़ा बयान दिया है. जिसमें बोला है कि हम चुनाव के बाद साथ में गवर्नमेंट नहीं बनाने वाले हैं.

BJP ने AIADMK के साथ किया है गठबंधन, अमित शाह से क्या हुई बात?
पलानीस्वामी ने कहा कि यदि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन (जिसमें बीजेपी प्रमुख घटक है) साल 2026 के विधानसभा चुनाव जीतता है तो राज्य में गठबंधन गवर्नमेंट नहीं बनेगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उनकी और अमित शाह की इस विषय पर कोई बात नहीं हुई है. पलानीस्वामी ने पत्रकारों से वार्ता में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए बोला कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कभी नहीं बोला कि तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन गवर्नमेंट बनेगी.
‘चालें’ न चलने का किया अनुरोध
पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘उन्होंने ऐसा (गठबंधन गवर्नमेंट के बारे में) नहीं कहा.’’ पलानीस्वामी ने इल्जाम लगाया कि मीडिया ने प्रासंगिक मामले को गलत समझा है जो (मीडिया) ‘चालें’ चलता है. पलानीस्वामी ने मीडिया से अपनी ‘चालें’ छोड़ने का निवेदन किया. पलानीस्वामी ने बोला कि शाह ने 11 अप्रैल को जो घोषणा की थी, वह यह थी कि अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन चुनाव जीतेगा और गवर्नमेंट बनेगी, लेकिन इसका मतलब गठबंधन गवर्नमेंट नहीं है.
बीजेपी के साथ नहीं बनेगी सरकार?
पलानीस्वामी ने गठबंधन के चुनाव जीतने पर बीजेपी के साथ सत्ता साझा करने की गुंजाइश से इनकार किया अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ने बोला कि शाह ने यह भी साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का नेतृत्व पीएम नरेन्द्र मोदी करेंगे और तमिलनाडु के मुद्दे में इसकी कमान उनके हाथ में होगी. उन्होंने कहा, ‘‘आपको समझना चाहिए, मुद्दा साफ है.’’
बीजेपी ने किया दिया जवाब?
पलानीस्वामी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने बोला कि अमित शाह और पलानीस्वामी मिलकर इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे और उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गठबंधन को मजबूत करने के लिए वार्ता उनकी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा की गई थी. तमिलनाडु में यद्यपि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्नाद्रमुक ने हमेशा चुनावी गठबंधन किये हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपने सहयोगियों के साथ सत्ता साझा नहीं की.

