दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर इन यात्रियों को मिलेगी शानदार सहजता, जानें कहां तक पहुंचा काम…
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण का काम अभी भी जारी है, लेकिन इसका कुछ हिस्सा जनता के लिए खोल दिया गया है. इस एक्सप्रेसवे को 2025 में ही पूरी तरह से खोलने की तैयारी की जा रही है. इसका काम भिन्न-भिन्न सेक्शन में किया जा रहा है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के यात्रा का समय कम हो जाएगा. इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1,350 किलोमीटर है, जिस पर यात्रा करने से दिल्ली से मुंबई की दूरी 24 घंटे के बजाय 12 घंटे में पूरी की जा सकेगी. आज आपको दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-वडोदरा और वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से बताएंगे.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1,350 किलोमीटर है, जो दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, दादरा और नगर हवेली और महाराष्ट्र तक फैला होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की लागत 8,000 करोड़ बताई जा रही है. इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करा रहा है.
कहां से होगा शुरू?
यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के सोहना (दिल्ली के पास) से प्रारम्भ होगा, जो महाराष्ट्र के विरार (मुंबई के पास) तक जाएगा. अभी एक्सप्रेसवे को 8 लेन चौड़ा बनाया जा रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसका विस्तार किया जा सकेगा. यानी ये 12 लेन तक विस्तारित किया जा सकता है. आपको बता दें कि इस एक्सप्रेसवे पर हर 50 किलोमीटर पर हेलिपैड और एम्बुलेंस सेवा मिल जाएगी, जिससे यात्रा के दौरान भी आपातकालीन में सहायता तुरंत मिल सकेगी.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कई चरणों में किया जा रहा है. वर्तमान में वडोदरा सेक्शन के काम में तेजी देखी जा रही है. आज आपको दिल्ली से वडोदरा वाला भाग और वडोदरा से मुंबई वाले भाग के बारे में आपको बताएंगे.
दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे
दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 845 किलोमीटर रहेगी. इस एक्सप्रेसवे को दिल्ली (सोहना, हरियाणा से) प्रारम्भ किया जाएगा, जो गुजरात के वडोदरा तक यात्रा को आसान बनाएगा. यह कुल 4 राज्यों से होकर गुजरेगा, जिनमें हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश का नाम शामिल है. इन जिलों में आने वाले समय में औद्योगिक विकास में भी यह एक्सप्रेसवे सहायता करेगा.
कितना काम पूरा?
इस सेक्शन का ज्यादातर हिस्सा अभी भी निर्माणाधीन है, लेकिन कई जरूरी सेक्शन पूरे कर लिए गए हैं. इनमें से कुछ पर ट्रैफिक ट्रायल भी प्रारम्भ किया जा चुका है. इस एक्सप्रेसवे की बहुत सी विशेषता हैं, जिनमें स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसके अनुसार यहां पर सेंसर, सीसीटीवी, और आपातकालीन कॉल सुविधा, प्रदूषण और शोर को कम करने के लिए ग्रीन बेल्ट डिवाइडर और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं.
कितना कम होगा यात्रा का समय?
वर्तमान में दिल्ली से वडोदरा के बीच की दूरी (ट्रेन से) लगभग 1,100 किलोमीटर है, जिसे तय करने में अभी लगभग 14 घंटे का समय लगता है. इस इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी 900 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी इसके प्रारम्भ होने से 14 घंटे की दूरी को 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे
वडोदरा से मुंबई तक का हिस्सा करीब 450 किलोमीटर का है. यह सड़क गुजरात के वडोदरा से प्रारम्भ होगा, जो महाराष्ट्र के विरार (मुंबई के उत्तर) तक जाएगा. इस हिस्से से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की आखिरी कड़ी जुड़ेगी. इसके अलावा, यह 3 राज्यों (केंद्र शासित प्रदेशों) को आपस में जोड़ेगा. इसमें गुजरात, दादरा नगर हवेली और दमन दीव (केंद्र शासित प्रदेश) और महाराष्ट्र का नाम शामिल है.
अभी इसके निर्माण का काम चल रहा है, जो पर्वतीय इलाकों, वन्यजीव क्षेत्रों, और आदिवासी बस्तियों में किया जा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए यहां पर काम में खास सावधानी बरती जा रही है. पर्यावरण पर इसका अधिक असर न पड़े, इसके लिए इस हिस्से में टनल पुल और एनिमल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं. यहां पर पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से काम की गति बाकी सेक्शन के मुकाबले थोड़ी कम है.
इस एक्सप्रेसवे का MoRTH के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे का 82 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है. इसको इसी वर्ष खोलने की भी तैयारी की जा रही है. इसे खुलने से दिल्ली से मुंबई का यात्रा 24 घंटे से घटकर सिर्फ़ 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.

