भविष्य के RSS स्वयंसेवक में मौजूद होंगे ये गुण
मोतियाबिंद के ऑपरेशन में सहायता करने से लेकर सोशल मीडिया पर हिंदू आध्यात्मिकता पर वायरल रील बनाने तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सैकड़ों सदस्य भिन्न-भिन्न राज्यों से महाकुंभ मेले में आ रहे हैं। ये सदस्य सिर्फ़ श्रद्धालु बनकर नहीं, बल्कि RSS समर्थित इंटर्नशिप प्रोग्राम में प्रशिक्षु के रूप में भी यहां आ रहे हैं। सेवा और प्रशिक्षण के लिए बड़े पैमाने पर चल रहे इंटर्नशिप प्रोग्राम के बीच हालांकि यह प्रोग्राम भविष्य के स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों के लिए एक तरह का बूट कैंप है। आइये जानते हैं कैसे…

ABVP के महासचिव विक्रम सोलंकी ने News18 को बताया, “संघ और उससे जुड़े संगठनों की ओर से इस इंटर्नशिप प्रोग्राम को कई चरणों में चलाया जा रहा है, क्योंकि राष्ट्र के हर कोने से विद्यार्थी आ रहे हैं। प्रोग्राम पूरा होने पर हम उन्हें प्रमाण पत्र देंगे।” उन्होंने कहा, “हम उन सभी को मौका देने की प्रयास कर रहे हैं, जिन्होंने हमारे फार्मा, मेडिकल, नेत्र विज्ञान और आयुर्वेदिक विंग सहित भिन्न-भिन्न संगठनों में इंटर्नशिप के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।”
उन्होंने कहा कि सप्ताह भर चलने वाले इस इंटर्नशिप प्रोग्राम में हर बैच के लिए बीमार देखभाल और आयुर्वेदिक जागरूकता से लेकर डिजिटल आउटरीच तक के काम शामिल हैं। इसमें भाग लेने वाले विद्यार्थियों को हिंदुस्तान के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक के मैनेजमेंट का अनुभव और कुशलता का सर्टिफिकेट दिया जाता है।
यह प्रोग्राम कुछ और गहरी बात की ओर भी इशारा करती है। यह प्रोग्राम भविष्य के स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों के लिए एक तरह का बूट कैंप है, जो दिखाता है कि RSS महाकुंभ का किस तरह रणनीतिक और संगठनात्मक रूप से इस्तेमाल कर रहा है।
कुंभ में RSS के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि, “हमारे लिए कुंभ एक ऐसी स्थान है, जहां आस्था कर्म से और विचारधारा सरेंडर से मिलती है। यह राष्ट्रवादी स्वयंसेवकों की अगली पीढ़ी को तैयार करने का भी एक माध्यम है।”
प्रयागराज में चल रहे संघ के शिविरों में, गरीबों और जरूरतमंदों के लिए कई तरह की चिकित्सा सेवाएं, निःशुल्क सलाह, मोतियाबिंद का ऑपरेशन और चश्में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये काम संघ से जुड़े विभिन्न संगठन मिलकर कर रहे हैं।
जमीनी स्तर पर काम कर रहे RSS के एक अन्य पदाधिकारी ने इसे “नेत्र कुंभ” कहा। उन्होंने बोला कि RSS की शाखाएं, जिनमें फार्मा विजन, मेडी विजन और आयुर्वेद के लिए जिज्ञासा शामिल हैं, यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरह की दवाएं हजारों तीर्थयात्रियों और आने वाले लोगों तक पहुंचें। इन सभी पहलों में सबसे लोकप्रिय गरीब तीर्थयात्रियों को निःशुल्क मोतियाबिंद का ऑपरेशन और चश्में मौजूद कराना है।
इन सेवाओं को देने के लिए शिविरों में सीनियर डॉक्टर, नेत्र बीमारी विशेषज्ञ, फार्मासिस्ट और आयुर्वेद जानकार शामिल हैं। इनमें से ज़्यादातर संघ के स्वयंसेवक हैं। पेशेवर डॉक्टरों और जानकारों के अलावा, विभिन्न मेडिकल और फार्मा कॉलेजों के विद्यार्थी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
ये विद्यार्थी डॉक्टरों की सहायता करते हैं, रोगियों का पंजीकरण कराते हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं। इस पहल को विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप की तरह तैयार किया गया है, जिसमें उन्हें पंजीकरण कराना होता है और फिर उन्हें काम करने के लिए समय और अवधि बताई जाती है

