राष्ट्रीय

राहुल गांधी के ‘सीक्रेट’ कार्यक्रम से वंचित रहे ये दिग्गज नेता

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर से राजस्थान आए और चले गए इस दौरान राहुल के आसपास पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके खेमे ही लोग नजर आए सचिन पायलट और उनके गुट के लोग कहीं नजर नहीं आए राहुल गांधी बीते 17 दिनों में 2 बार जयपुर आ चुके हैं लेकिन दोनों ही बार उनकी सचिन पायलट से मुलाकात नहीं हुई इससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह से प्रश्न उठने लग गए हैं आखिरकार राजस्थान कांग्रेस पार्टी में चल क्या रहा है?

Images 2024 12 09t155836. 391

WhatsApp Group Join Now

राहुल गांधी का जयपुर दौरा फिर कई प्रश्न छोड़ गया है राजस्थान में कांग्रेस पार्टी का भविष्य क्या होगा? यहां पार्टी अपनी राजनीतिक बागडोर किसे सौंपेगी जो जैसा चल रहा है वैसा ही चलेगा या फिर कुछ परिवर्तन देखने को मिलेगा राहुल गांधी के रविवार के दौरे पर नजर डालें तो वे इस बार राजस्थान को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं भले ही पार्टी राजस्थान में विधानसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव हार गई हो लेकिन यहां लोकसभा चुनाव में मिले नतीजों से कांग्रेस पार्टी को भविष्य में काफी उम्मीदें हैं

राहुल गांधी के दौरे में गहलोत गुट हावी रहा
कांग्रेस की प्रदेश लीडरशिप को दिया गया फ्रीहैंड पिछले दो तीन चुनाव में अच्छे नतीजे नहीं दे पाया पार्टी न केवल यहां का विधानसभा चुनाव हार गई बल्कि यहां के दिग्गजों को दी गई हरियाणा और महाराष्ट्र की जिम्मेदारी वाले मामलों में भी नतीजे अच्छे नहीं आए ऐसे में जब प्रदेश में परिवर्तन की हवा ने बल पकड़ा तो राहुल जयपुर दौरे पर सबकी नजरें टिकी रही इस बार भी राहुल के जयपुर दौरे में गहलोत गुट का असर नजर आया

गहलोत के साथ उनके खास लोग भी उपस्थित रहे
राहुल गांधी के आगमन और वापसी के समय गहलोत स्वयं उपस्थित रहे गहलोत के साथ उनके खास लोग भी उपस्थित रहे इनमें गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और विधायक रफीक खान तथा विधायक रितु बराला मील शामिल हैं इस दौरान पायलट और उनके गुट के लोगों की पूरी तरह गैर मौजूदगी रही राहुल गांधी की दिल्ली वापसी में फ्लाइट करीब एक घंटे देरी से रवाना हुई इस दौरान वीआईपी लॉन्ज में राहुल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकराम जूली ही उपस्थित रहे

पायलट स्वयं और उनकी टीम थोड़ा दूर ही नजर आ रही है
बताया जा रहा है इस दौरान प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी गवर्नमेंट को सड़क से लेकर सदन तक घेरने की रणनीति पर भी वार्ता हुई वहीं प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस पार्टी के लिहाज से देखा जाए तो सचिन पायलट स्वयं और उनकी टीम थोड़ा दूर ही नजर आ रही है हालांकि सचिन टोंक से लेकर अपने असर वाले क्षेत्र में सक्रिय हैं उनके पिछले कुछ दौरों में यहां जबर्दस्त भीड़ उमड़ी और अच्छा रिसपॉन्स देखने को मिला है पायलट गुट की बात करें तो इस बार वे पार्टी के ही निर्देश पर उस अहम काम में जटे हैं जिसमें फ्यूचर के नेताओं को मौका दिया जाना है

पायलट दिल्ली में एनएसयूआई के कार्यक्रम में जुटे हैं
सचिन पायलट पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में एनएसयूआई के कार्यक्रम में हैं उसमें भविष्य के नेताओं को तैयार करने पर खास फोकस किया जा रहा है पालयट के करीबी सूत्रों के अनुसार वे पार्टी के उसी काम में लगे हैं जिसमें स्वयं राहुल गांधी लगे हैं वे फिलहाल दिल्ली में हैं राहुल नेतृत्व संगम में युवा लोगों को खोजने और विचारधारा से जोड़ने में लगे हैं वे जयपुर भी इसी कार्यक्रम के लिए आए थे लेकिन फिलहाल तमाम अटकलों के बीच प्रदेश उपचुनाव की हार के बावजूद कांग्रेस पार्टी कोई बड़ा फेरबदल होने के आसार अभी कम नजर आ रहे हैं

Back to top button