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नीमराणा स्थित रैफल्स यूनिवर्सिटी में होने जा रहा है यह बड़ा आयोजन

रिको औधोगिक क्षेत्र के जापानी जॉन स्थित रैफल्स यूनिवर्सिटी का छठा दीक्षांत कार्यक्रम यूनिवर्सिटी कैम्पस में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में हिंदुस्तान गवर्नमेंट के पर्यावरण, वन और जलवायु बदलाव केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य मेहमान के रुप में मौजूद रहे.

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इस अवसर पर उन्होंने यूनिवर्सिटी के सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की. अपने संबोधन में उन्होंने बोला कि आज विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी से विभिन्न क्षेत्रों में प्रोफेशनल योग्यता हासिल की है, जो न सिर्फ़ उनके पर्सनल विकास में सहायक होगी, बल्कि समाज की सेवा में उनके सहयोग को भी बढ़ाएगी. अब आगे जब विद्यार्थी यहां से बाहर कदम रखेंगे, तो वास्तविक दुनिया का सामना करेंगे, जहां उन्होंने जीवन की वास्तविकताओं से उनका सामना होगा. उन्होंने आगे बोला कि आज के डिजिटल और सामाजिक युग में जो आदमी अपनी जानकारी और बौद्धिक क्षमता के बीच संतुलन बना लेता है, वही जीवन में कामयाबी प्राप्त करता है.

अब विद्यार्थियों के जीवन में अगला कदम अपनी इमोशनल इंटेलिजेंस (ईआई) को निखारने का है. लर्निंग का सिलसिला कभी समाप्त नहीं होता, और यही समय है जब वे अपने भावनात्मक और मानसिक कौशल को सशक्त बना सकते हैं.

केंदीय मंत्री यादव ने इस अवसर पर आज के समय में जरूरी विषय – पर्यावरण – पर भी अपने विचार साझा किए. उन्होंने बोला कि पृथ्वी पर जीवित (लिविंग) और जीवित प्राणी (लिविंग बींग) का सहअस्तित्व अत्यंत जरूरी है. तभी हम आने वाले समय में अपनी जीवनशैली को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सक्षम हो पाएंगे. श्री यादव ने यह भी बोला कि हिंदुस्तान विश्व में पर्यावरणीय समस्याओं का निवारण प्रस्तुत करने वाला राष्ट्र है, न कि परेशानी का हिस्सा.

समारोह में अकादमिक उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए कुल 344 विद्यार्थियों को पीएचडी, स्नातकोत्तर और स्नातक डिग्रियां प्रदान की गई. इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के 21 गोल्ड मेडलिस्ट्स को मेडल्स देकर सम्मानित किया गया. यह डिग्रियां विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, लॉ, ह्यूमैनिटीज, फार्मेसी,और बेसिक एंड एप्लाइड साइंस आदि सहित अन्य क्षेत्रों में प्रदान की गई.

कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय ऑफ इण्डिया के न्यायाधीश, जस्टिस दीपांकर दत्ता और एमार दुबई के संस्थापक हिज एक्सीलेंसी मोहम्मद अलब्बर विशिष्ट मेहमान के रूप में शामिल हुए. इस दौरान हिज एक्सीलेंसी मोहम्मद अलब्बर को डॉक्टरेट डिग्री (ऑनोरिस कॉसा) से सम्मानित भी किया गया.

दीक्षांत कार्यक्रम की आरंभ अकादमिक प्रोसेशन के साथ हुई. जिसके बाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो (डॉ) राजेंद्र सिंह सांगवान द्वारा यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की. इस अवसर पर, प्रो (डॉ) सांगवान ने बोला कि आज का दिन विद्यार्थियों के जीवन का एक अहम क्षण है, जो न सिर्फ़ उनके अकादमिक उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि उनकी मेहनत, सरेंडर और बौद्धिक विकास का प्रमाण भी है. यह दीक्षांत कार्यक्रम एक अंत नहीं, बल्कि सीखने, नवाचार और आत्म-खोज की लगातार यात्रा में एक जरूरी मील का पत्थर है.

समारोह की अध्यक्षता, यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन विवेक गोम्बेर ने की. इस अवसर पर गोम्बेर एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरपर्सन, डाक्टर जस्टिस मीना वी गोम्बेर भी मौजूद रहे. कार्यक्रम का समाप्ति रजिस्ट्रार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ

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