बेहद दर्दनाक है जलगांव ट्रेन हादसे से जुड़ी ये मौत
महाराष्ट्र के जलगांव में हुए ट्रेन हादसे ने हर किसी को हिला कर रख दिया है। 22 जनवरी को लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ भयावह दुर्घटना हो गया। अब तक कुल 13 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। जिसमें से उत्तर प्रदेश के भी तीन लोग बताए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के इन तीन युवकों में से एक बहराइच जिले से 27 वर्ष के बाबू खान भी हैं। वो अपनी मां से वादा करके बहराइच से मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस से निकले थे।

ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले बाबू खान बहराइच जिले थाना बौड़ी के कंदौसा ग्राम निवासी हैं। बचपन में ही पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बाबू खान समेत मां खातून ने सात बेटों की परवरिश की। जिसमें बाबू खान सबसे छोटे बेटे थे। फिलहाल उसती विवाह की बात चल रही थी। लड़की भी पसंद की जा चुकी थी। मां से वादा करने के बाद बाबू खान मुंबई के लिए निकले थे। उन्होंने बोला था। ‘ मां अपना ख्याल रखना मैं वापस आकर विवाह करूंगा, टेंशन मत लेना’। और फिर घर पर अगले दिन सूचना आती है कि बाबू खान पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार हो गए और घर पर मातम छा गया।
मृतक के घर वालों ने कहा कैसे हुआ हादसा!
मृतक बाबू खान के घर वालों ने कहा कि ट्रेन में आग लगने की अफवाह के बाद कुछ लोगों ने ट्रेन की चेन खींची इसके बाद ट्रेन जैसे ही धीमी गति में हुई कुछ लोग कूदे तो कुछ लोग उतरे और फिर दूसरी तरफ से आ रही ट्रेन का शिकार हो गए। जहां हादसे में 13 लोगों की मृत्यु हुई है तो वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृत्यु की घटना सुनने के बाद बाबू खान के घर परिवार समेत पूरे गांव में गम का माहौल कायम हो गया। हर तरफ मृतक बाबू खान को लेकर लोग बातें कर रहे हैं। मृतक बाबू खान के भाई आलिम ने कहा है वायरल वीडियो देखकर भाई की मृत्यु की सूचना मिली।
आग की अफवाह फैली!
अफवाह के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और यात्री ट्रेन से कूदकर ट्रैक पर आने लगे। मगर इसी दौरान सामने से आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस ने उनको कुचल दिया। बता दें कि अब इस मुद्दे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।अब सामने आया है कि एक चाय वाले के चक्कर में पुष्पक एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ ये भयावह घटना घटी।
ऐसे हुआ हादसा
हादसे के समय ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री का बोलना है कि एक चाय वाले ने ही ट्रेन में आग की अफवाह फैलाई थी, जिसके बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मची। तभी सामने से दूसरी एक्सप्रेस गुजरी और कई यात्री उसकी चपेट में आ गए। चश्मदीद का ये भी बोलना है कि जो यात्री ट्रैक की तरफ कूदे वो हीदूसरी ट्रेन की चपेट में आए। मगर कई यात्री दूसरी तरफ कूदे,जहां ट्रैक नहीं था।चश्मदीद का बोलना है कि यदि बाकी यात्री भी ट्रैक वाली साइड कूदते तो और भी अधिक जानें जा सकती थी।

