राष्ट्रीय

भारत-नेपाल के दो विश्वविद्यालयों के बीच पैदा हुई ये स्थिति

सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी कपिलवस्तु और राजा जनक यूनिवर्सिटी जनकपुर (नेपाल) के बीच एक जरूरी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. यह समझौता भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव के समाप्ति के अवसर पर हुआ, जिसका आयोजन यूपी संस्कृत विभाग के योगदान से किया गया.

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समझौते के तहत, दोनों राष्ट्रों के सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थी एक-दूसरे के विश्वविद्यालयों में विशिष्ट पाठ्यक्रमों का शोध कर सकेंगे. सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो कविता शाह ने कहा कि यह समझौता राष्ट्रीय शिक्षा नीति और सेमेस्टर प्रणाली के अनुसार शैक्षिक विकास में जरूरी किरदार निभाएगा. राजा जनक यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो अमर प्रसाद ने उच्च शिक्षा में अनुसंधान के महत्व पर बल दिया और बोला कि उनका प्रमुख उद्देश्य स्किल-बेस्ड कार्यक्रमों से सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को लाभान्वित करना है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस समझौते को दोनों राष्ट्रों की मैत्री को मजबूत करने वाला बताया. विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने भारत-नेपाल संबंधों में ग्रामीण क्षेत्रों के सहयोग को रेखांकित किया. तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया. कार्यक्रम में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के आईयूपीएसी डायरेक्टर प्रो सौरभ और कुलसचिव डाक्टर अमरेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहे.

महोत्सव में दिखी दो राष्ट्रों की संस्कृति की झलक प्रमुख रूप से रश्मि पांडेय और उनकी टीम की ओर से प्रस्तुत जनक नंदिनी राम संगिनी नृत्यनाटिका, प्रौढ़ सिंह कान्हा सोलो गायन, सकेत मिश्रा का गायन, नेपाली कलाकारों की ओर से नेपाली तमांग सेलों की प्रस्तुति, रिंकू सिंह राणा की ओर से थारू होली की प्रस्तुति, लोकप्रिय गायिका आकांक्षा त्रिपाठी के गीत, नेपाल और हिंदुस्तान के कलाकारों द्वारा परिधान शो, मुरारी लाल तिवारी की ओर से ब्रजराज की प्रस्तुति अत्यंत जरूरी कार्यक्रमों में प्रमुख थी.

भारत नेपाल मैत्री महोत्सव के संयोजक प्रो हरीश कुमार शर्मा, आयोजन सचिव डाक्टर रविकांत त्रिपाठी, अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रोनीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो प्रकृति राय मौजूद थे.

प्रतिभागियों को मिला प्रशस्ति पत्र विविध प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई उन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी एवं विजेता तथा जगह प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और शील्ड के माध्यम से मेहमानों द्वारा पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं सहायक निदेशक संस्कृति विभाग यूपी डाक्टर राजेश अहिरवार ने आभार जताया. संचालन विजित सिंह ने किया.

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