दिल्ली में नई सरकार बनने से पहले ही सामने आई ये स्थिति

बीते कई वर्षों से भाजपा नेता परिवहन विभाग में करप्शन का इल्जाम लगाते रहे हैं। खास बात यह है कि उस समय दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और गोपाल राय हुआ करते थे। लेकिन, कैलाश गहलोत अब भाजपा में आ गए हैं और गोपाल राय आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के काफी खास हैं। ऐसे में क्या CBI इन ऑफिसरों के जरिए बड़ी मछली को पकड़ने की तैयारी में लग गई है? या फिर वैसे बड़ी मछली को चुप रहने के लिए बोला जा रहा है, जो हाल-फिलहाल में पाला बदलकर भाजपा में आए हैं?
दिल्ली में CBI का एक्शन इस समय क्यों?
सीबीआई की इस कार्रवाई से एक दूसरी आसार भी बनती नजर आ रही है, जिसमें आप गवर्नमेंट में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत CBI को परिवहन विभाग में हो रहे करप्शन की पूरी जानकारी दी होगी। वहीं, एक और आसार यह भी बन रही है कि यदि एक जाट नेता प्रवेश वर्मा दिल्ली के मुख्यमंत्री बनेंगे तो दूसरा जाट नेता कैलश गहलोत पर क्या लगाम लगाने की तैयारी है?
सीबीआई ने इस गिरफ्तारी के बाद बोला है कि परिवहन विभाग में करप्शन की लगातार शिकायतों के बाद यह कार्रवाई हुई है। भाजपा पहले भी दिल्ली परिवहन विभाग में कथित करप्शन को लेकर आम आदमी पार्टी पर हमलावर रहती थी। भाजपा आम आदमी पार्टी पर बसों के खरीद-फरोख्त और टेंडर पॉलिसी में पारदर्शिता नहीं होने का लगातार इल्जाम लगाती रही है। भाजपा का बोलना है कि दिल्ली की ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट घूसखोरी का बड़ा अड्डा बन चुका है। अब जबकि भाजपा सत्ता में आ गई है तो करप्शन पर शिकंजा कसने के इरादे से कार्रवाई हुई है। हालांकि, इस कार्रवाई में सियासी एंगल से भी इनकार नहीं किया जा सकता है?

