इस राह चल पड़े हैं अमृतपाल के तीन साथी
असम के डिब्रूगढ़ थाने से अमृतपाल सिंह के साथियों को दिल्ली रवाना करने के लिए लेकर जाने के लिए पहुंची पंजाब पुलिस की टीम.

पंजाब में खालिस्तान समर्थक और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के सात साथियों को पंजाब लाया जा रहा है. पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम अमृतपाल के तीन साथियों को लेकर इंडिगो फ्लाइट से डिब्रूगढ़ से दिल्ली रवाना हो चुकी है, जबकि बाकी चार साथियों को जल्द ही ड
दिल्ली पहुंचने के बाद या सड़क या हवाई मार्ग से सभी साथियों को एक साथ अमृतसर शिफ्ट किया जाएगा. अनुमान है कि आज देर शाम या कल सुबह सभी साथियों को अमृतसर की अजनाला न्यायालय में पेश कर फरवरी 2023 में पुलिस स्टेशन पर हुए हमले को लेकर रिमांड हासिल किया जाएगा.
गौरतलब है कि, पंजाब गवर्नमेंट ने इन सभी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जारी रखने से इनकार कर दिया है. जिसके बाद चार दिन पहले से ही पंजाब पुलिस अमृतपाल के साथियों को लेने के लिए असम के डिब्रूगढ़ पहुंच चुकी है.
7 साथियों का किया गया है एनएसए खत्म
जानकारी के मुताबिक, अमृतपाल सिंह, पप्पलप्रीत सिंह और वरिंदर विक्की को अभी डिब्रूगढ़ कारावास में ही रहना होगा. पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में चल रही उनकी एनएसए की अगली सुनवाई 22 मार्च को होनी है, जिसके बाद गवर्नमेंट आगे का निर्णय लेगी. जबकि 7 साथियों का ही एनएसए समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. जिनके नाम इस प्रकार हैं-
- भगवंत सिंह उर्फ ‘प्रधानमंत्री’ बाजेके: ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख सदस्य.
- दलजीत सिंह कलसी: अमृतपाल सिंह के करीबी सहयोगी और संगठन के प्रमुख सदस्य.
- बसंत सिंह: संगठन के एक्टिव सदस्य.
- गुरमीत सिंह: संगठन के एक्टिव सदस्य.
- जीत सिंह: संगठन के एक्टिव सदस्य.
- हरजीत सिंह: अमृतपाल सिंह के चाचा.
- लवप्रीत सिंह तूफान: संगठन का सदस्य.
1. पुलिस ने 18 मार्च 2023 को पीछा प्रारम्भ किया
18 मार्च 2023 की सुबह करीब 11:15 बजे पुलिस ने प्लानिंग के मुताबिक अमृतपाल की मर्सिडीज कार का पीछा प्रारम्भ किया. अमृतपाल को इसकी भनक लग चुकी थी. अमृतपाल ने अपनी मर्सिडीज शाहकोट-मोगा हाईवे पर बाजवा कलां गांव के पास बने फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दी. मर्सिडीज को चाचा और ड्राइवर ले गए. इसके बाद वह एक ब्रेजा कार में बैठ भाग गया.
2. मर्सिडीज चाचा ले गया, अमृतपाल ब्रेजा में सवार हो गया
ब्रेजा में अमृतपाल के ही एक शागिर्द मनप्रीत ने उसे दादोवाल गांव तक पहुंचाया. वहां उसने नशा मुक्ति केंद्र में युवकों से कपड़े लिए. इसके बाद मनप्रीत उसे नंगल अंबिया गांव में बने गुरुद्वारे में ले गया. यह ब्रेजा कार किसी और की नहीं, अमृतपाल के ही मीडिया एडवाइजर पप्पलप्रीत सिंह की थी.
3. गुरुद्वारे में ग्रंथी को बनाया बंधक
पुलिस के अनुसार, अमृतपाल और उसके साथी गांव नंगल अंबिया के गुरुद्वारा में पहुंचे. यहां ग्रंथी को हथियारों के बल पर बंधक बनाया गया. एक घंटा वे यहां रुके. अमृतपाल ने खाना खाया, कपड़े बदले और अपना हुलिया भी.
4. टेलीफोन पर हरियाणा के रेवाड़ी में बातचीत
अमृतपाल सिंह के साथी गुरुद्वारा में उसे भगाने की प्लानिंग कर रहे थे. उसके साथियों ने हरियाणा के रेवाड़ी में किसी से वार्ता की. इसके बाद कार में ही वह गांव के एक स्मारक के पास पहुंचा. जहां दो बाइक पर तीन पुरुष पहले से ही उसका प्रतीक्षा कर रहे थे. यहां मनप्रीत ब्रेजा लेकर अपने घर पहुंच गया और अमृतपाल बाइक पर भाग गया.
5. मोगा के गांव रोडे से गिरफ्तारी
वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस ने 36 दिन की फरारी के बाद 22 अप्रैल 2023 को मोगा जिले में रोडे गांव के गुरुद्वारे से रविवार सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर अरेस्ट कर लिया गया. ये जरनैल सिंह भिंडरांवाला का गांव है. इसके बाद पंजाब पुलिस उसे बठिंडा के एयरफोर्स स्टेशन ले गई, जहां से वे डिब्रूगढ़ कारावास में शिफ्ट किया गया.

