ठगों ने लूटपाट करने के बाद चलती ट्रेन से यात्रियों को फेंका
बक्सर स्टेशन के पास दानापुर-डीडीयू रेलखंड पर दिल्ली जा रहे दो यात्रियों के साथ लुटेरों ने हाथापाई करके सारा सामान लूटपाट करने के बाद चलती ट्रेन से फेंक दिया. दोनों यात्रियों का बक्सर में प्राथमिक इलाज के बाद अभिषेक का पटना एम्स में उपचार चल रहा है.

इस संबंध में घायल यात्रियों ने कहा कि उनके साथ हाथापाई करने वाले लुटेरे पिस्टल लिए हुए वर्दी में थे. उनके द्वारा पैसा मांगने पर नहीं देने के बाद हाथापाई करते हुए सारा समान छीनकर ट्रेन से फेंक दिया गया. धावा में घायल चंदन कुमार और अभिषेक कुमार.
घटना में दोनों जख्मियों की पहचान पटना आथमलगाेला प्रखंड के मसौढ़ी गांव निवासी लवकुश प्रसाद के पुत्र चंदन और सुल्तानपुर के निवासी शंभु के पुत्र अभिषेक कुमार के रूप में हुई है. मुद्दे की पूरी जानकारी घायल अभिषेक का भाई रंजन और घायल चंदन कुमार ने दी.
डायल 112 ने पहुंचाया अस्पताल
घटना की सूचना पर पहुंची डायल 112 की टीम ने दोनों घायलों को उठाकर बक्सर सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया. जहां से परिजनों को सूचना दिया गया. परिजन के पहुंचने के बाद बेहतर उपचार के लिए रेफर कर दिया गया है. अभिषेक का उपचार पटना एम्स और चंदन का उपचार किसी निजी हॉस्पिटल में कराया जा रहा है. जीआरपी इस घटना को लेकर एफआइआर दर्ज कर घटना की जांच कर रही है.
कैसै दिया घटना को अंजाम
घटना को लेकर घायल चंदन कुमार ने कहा कि पटना जंक्शन से टिकट लेकर मैं और मेरा भगिना अभिषेक स्पेशल ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे. ट्रेन में सीट मिलने के बाद हमलोग बैठे हुए थे. ट्रेन जब आरा से खुली तो एक स्टेशन पर रुकी थी. हालांकि ट्रेन की स्टॉपेज उस स्टेशन पर नहीं थी. ट्रेन खुलने के साथ ही दो लोग वर्दी में पिस्टल लेकर आए और टिकट दिखाने की बात कहने लगे. जब टिकट दिखाया तो कहे कि इस टिकट पर इस ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकते. दूसरे बोगी में चलो. हमदोनों के वो लोग विकलांग बोगी में ले गए. जहां पहले से एक और यात्री को बैठा के रखे थे. हमलोगों से पैसा मांगने लगे. विरोध करने पर बेल्ट से हाथापाई करने लगे. उसके बाद मोबाइल बैग,और रूपया पैसा छीनने के बाद ट्रेन से फेंक दिया. हादसे में अभिषेक कुमार के हाथ-पैर की हड्डी टूटी है. जबकि चंदन कुमार के चेहरे पर काफी जख्म है.
रेल प्रशासन पर परिजन ने उठाया सवाल
घायल अभिषेक के भाई रंजन कुमार ने बोला कि आज मेरा भाई बच मरने से बच गया तो यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेल प्रशासन कितना मुस्तैद है यह बात सामने आई है. संभावना जताया कि यदि मेरे भाई की मृत्यु हो गई होती तो किसी को क्या पता चलता कि उसके साथ क्या हुआ है. जैसे अन्य यात्री ट्रेन से गिरे हुए पाए जाते हैं. उन्हीं की तरह लोग कहते कि गेट पर यात्रा कर रहा होगा, जिसके कारण गिरने से मृत्यु हो गई. मुद्दे को लेकर कहा कि उसका भाई बक्सर स्टेशन से 3 किलोमीटर पहले गिरा था. मामा चंदन कुमार बक्सर स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर पहले ट्रैक पास गिरे हुए मिले.
काफी देर बैठाने के बाद एफआईआर दर्ज किया
एफआईआर दर्ज को लेकर रंजन कुमार ने आगे कहा कि जीआरपी द्वारा काफी देर बैठाने के बाद एफआईआर दर्ज किया गया है. पहले टिकट की मांग की गई. टिकट सब लुटेरे ले लिए थे. हालांकि पटना जंक्शन पर लगे टिकट काउंटर के पास सीसीटीवी कैमरे में टिकट लेते देखा जा सकता है. जीआरपी द्वारा कहा गया कि ट्रेन में जांच करा रहे हैं. एफआईआर दर्ज किए हुए 24 घंटे हो गया लेकिन अभी तक कोई अपडेट नहीं मिला है.
परिजनों के मोबाइल पर अपराधियों का फोटो भेज पहचान करने की कोशिश
मामले को लेकर जीआरपी प्रभारी बिजेंद्र कुमार ने बोला कि एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है. घायल के परिजनों के मोबाइल पर एक दो अपराधियों का फोटो भेज अपराधियों की पहचान करने का कोशिश भी पुलिस कर रही है. थाना में काफी देर बैठाने की बात पर जीआरपी प्रभारी कहे कि ऐसी बात नहीं है. जख्मियों को बुलाकर एफआइआर दर्ज किया गया. छीनने वालों के हुलिया के बारे में भी पूछा गया है. जख्मियों को खाने परेशानी हो रही थी तो उनलोगों जूस पिलाया गया है.

