केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ TMC का धरना जारी
नई दिल्ली: केंद्रीय एजेंसियों के विरोध में तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) दिल्ली में सड़कों पर उतर आई है, पार्टी नेताओं ने 18 घंटे का प्रदर्शन किया है और 24 घंटे की स्ट्राइक की घोषणा की है. डेरेक ओ’ब्रायन और सागरिका घोष जैसी प्रमुख शख़्सियतों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर हुआ, जहां तृण मूल काँग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वे 2024 के आम चुनावों के दौरान मोदी गवर्नमेंट पर दुरुपयोग का इल्जाम लगाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और इनकम टैक्स विभाग जैसी प्रवर्तन एजेंसियों के नेतृत्व में परिवर्तन की वकालत कर रहे थे.

सागरिका घोष ने ट्विटर पर घटनाओं के बारे में विस्तार से कहा कि कैसे दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें बस द्वारा एक अज्ञात जगह पर ले जाया गया और अंततः मंदिर मार्ग थाने लाया गया, जहां उन्होंने रात बिताई. डेरेक ओ’ब्रायन और सागरिका घोष सहित हिरासत में लिए गए तृण मूल काँग्रेस नेता रिहा होने के बावजूद अपने विरोध में दृढ़ रहे, उन्होंने थाने के अंदर और बाहर अपना प्रदर्शन जारी रखने की कसम खाई. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने क्षेत्र में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए हिरासत को मुनासिब ठहराया, जो पूर्व अनुमति के बिना बड़ी सभाओं पर रोक लगाती है. हालाँकि, तृण मूल काँग्रेस नेताओं ने इसका विरोध करते हुए दावा किया कि उन्हें मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया और उनकी ख़्वाहिश के खिलाफ थाने ले जाया गया.
इस बीच, कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में एक तृण मूल काँग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर सीवी आनंद बोस से मुलाकात कर दिल्ली में पार्टी नेताओं की हिरासत के बारे में कम्पलेन दर्ज कराई और इसे लोकतंत्र पर धावा बताया. तृण मूल काँग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी केंद्र गवर्नमेंट की निंदा में शामिल हो गईं और उन पर लोकतंत्र को कारावास में बदलने का इल्जाम लगाया. उन्होंने सियासी उद्देश्यों के लिए बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का इल्जाम लगाते हुए एनआईए, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स विभाग जैसी एजेंसियों की कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की. ममता बनर्जी ने तृण मूल काँग्रेस नेताओं के जीवनसाथियों को भी चेतावनी जारी करते हुए राय दी कि यदि उनके पतियों को आनें वाले चुनाव से पहले अरैस्ट किया गया तो वे सड़कों पर उतर आएं.

