मूसलाधार बारिश और बांधों के गेट खुलने से दिल्ली में बाढ़ का गहराया खतरा
Heavy Rainfall In New Delhi: देशभर में हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश और बांधों के गेट खुलने से दिल्ली में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है और राजधानी के कई निचले इलाकों में बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। उधर, हिमाचल प्रदेश में बारिश के चलते कई हाईवे बंद हो गए हैं और रेड अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में बाढ़ का खतरा, यमुना उफान पर
दिल्ली में लगातार बारिश और पहाड़ों से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर बुधवार रात 9 बजे 205.39 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि 206 मीटर जलस्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाना महत्वपूर्ण हो जाएगा। मयूर विहार सहित कई निचले इलाकों में बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं. यहां तंबू लगाए गए हैं ताकि यमुना किनारे रहने वाले लोग बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित रह सकें।
दिल्ली में बारिश का सिलसिला रहेगा जारी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि 31 अगस्त तक दिल्ली में गरज और बिजली के साथ बारिश होती रहेगी। एक्टिव मानसून की स्थिति बनी रहने से अगले कुछ दिनों तक जलभराव और बाढ़ की संभावना बनी हुई है।हिमाचल में हालात गंभीर, हाईवे बंद
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कुल्लू जिले के बनाला में भूस्खलन के चलते चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग बंद कर दिया गया है। ब्यास नदी के उफान पर आने से राजमार्ग का एक हिस्सा बह गया है. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य प्रारम्भ कर दिया है।
कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
IMD ने चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए 28 और 29 अगस्त को रेड अलर्ट जारी किया है। शिमला, सोलन और मंडी में 30-31 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। कुल्लू की उपायुक्त तोरुल एस। रवीश के अनुसार, जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कुछ क्षेत्रों को खाली कराया जा रहा है।

