सौगात-ए-मोदी को लेकर बयानबाजी करते नजर आए उद्धव ठाकरे
ठाकरे ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे “सौगात-ए-सत्ता” (सत्ता का उपहार) कहा और बीजेपी पर बिहार में चुनावी फायदा के लिए तुष्टीकरण की राजनीति करने का इल्जाम लगाया. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘अब हिंदुओं के मंगलसूत्र की रक्षा कौन करेगा?’
ठाकरे ने कहा, “भाजपा को आधिकारिक तौर पर घोषणा करनी चाहिए कि उसने हिंदुत्व को त्याग दिया है. वे उन लोगों को ‘सौगात-ए-सत्ता’ बांट रहे हैं जिनके घर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिए गए और सांप्रदायिक दंगों में कई लोगों की जान चली गई. यह पहल सिर्फ़ बिहार विधानसभा चुनावों के लिए है. बीजेपी ने सत्ता जिहाद का सहारा लिया है.“
भाजपा ने सौगात-ए-मोदी प्रारम्भ कर दिया है.
भाजपा ने ईद से पहले आर्थिक रूप से कमजोर मुसलमान परिवारों को लक्ष्य करते हुए मंगलवार को एक राष्ट्रव्यापी संपर्क कार्यक्रम प्रारम्भ किया. इस पहल को इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों से पहले एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य गरीब मुसलमानों को विशेष ईद किट वितरित करना है.
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में दिल्ली के निजामुद्दीन में प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम से देशभर के करीब 32 लाख लोगों को फायदा मिलने की आशा है.
उन्होंने बोला कि यदि मुसलमानों ने वोट दिया होता तो वे इसे पावर जिहाद कहते. अब ईद के मौके पर बीजेपी ने ‘सौगात-ए-मोदी’ कार्यक्रम प्रारम्भ किया है. 32 लाख बीजेपी कार्यकर्ता 32 लाख मुसलमानों के घर जाएंगे और उपहार देंगे. यह ‘सौगात-ए-मोदी’ नहीं है. यह बेशर्मी है। यह ‘शक्ति का उपहार’ है. ये नकली हिंदुत्व समर्थक हैं.“
‘अब हिंदुओं के मंगलसूत्र की रक्षा कौन करेगा?’
उन्होंने कहा, “हम चुनाव आते ही मुसलमानों के नाम पर हंगामा करते थे और शवयात्रा निकालते थे, अब देखिए कैसे उड़न-छू वाले टोपी पहनकर घूम रहे हैं. मुझ पर हिंदू धर्म छोड़ने का इल्जाम लगाने से पहले अपने झंडे से हरा रंग हटा लें. अब कोई हिंदुत्व पार्टी है क्या?”
आलोचना करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “क्या राज्य में सत्ता केवल बिहार और यूपी चुनाव तक ही रहेगी या उसके बाद भी जारी रहेगी? बीजेपी को एक बार और सभी के लिए यह घोषणा कर देनी चाहिए कि उसने हिंदुत्व को त्याग दिया है.“

