साध्वी प्रज्ञा के बरी होने पर बिलखते हुए दुख और खुशी प्रकट कर रही हैं उमा भारती
वरिष्ठ बीजेपी नेता उमा भारती ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मुद्दे में पूर्व बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी सात आरोपियों को एनआईए न्यायालय द्वारा बरी किए जाने पर अपनी पहली प्रतिक्रिया साझा की. भारती ने 31 जुलाई, 2025 के निर्णय पर गहरी राहत व्यक्त की, जिसमें 17 वर्ष की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सबूतों के अभाव में ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और अन्य को बरी कर दिया गया. मालेगांव विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे.

उमा भारती ने बोला कि मैं इतनी खुश हूँ कि मेरे पास शब्दों में बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं. भावुक होते हुए हुए उन्होंने बोला कि जब प्रज्ञा नासिक कारावास में थीं, तो मुझे एक पुलिस अधिकारी से पता चला कि उन्हें बहुत प्रताड़ित किया जा रहा है. मैं उनसे मिलने गई थी, जब कोई नहीं जाता था. जब मैं उनसे मिली, तो मैं रोई. जिस तरह से उन्हें प्रताड़ित किया गया, वो किसी भी स्त्री के लिए सहन करना बहुत कठिन है. उन्होंने आगे बोला कि मैं पूछना चाहती हूँ कि पी चिदंबरम, दिग्विजय सिंह, राहुल गांधी, वामपंथी, समाजवादी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को क्या सज़ा मिलनी चाहिए, जिन्होंने भगवा आतंक शब्द को स्थापित करने की प्रयास की?… उनके विरुद्ध असाधारण कार्रवाई होनी चाहिए.
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता विनोद बंसल ने बोला कि मालेगांव विस्फोट मुद्दे में आए निर्णय ने चार बातें साफ कर दी हैं: कांग्रेस पार्टी आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए ज़िम्मेदार है; उसने हिंदू या भगवा आतंकवाद का झूठा सिद्धांत गढ़ा; तीसरी, कांग्रेस पार्टी ने हिंदुओं को बदनाम करने के लिए वास्तविक आतंकियों को बचाया; चौथी, बेगुनाह हिंदुओं को सताने के लिए कांग्रेस पार्टी के सियासी एजेंडे के अनुसार जाँच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया. कांग्रेस पार्टी को हिंदू समुदाय और राष्ट्र से माफ़ी मांगनी चाहिए.
उन्होंने आगे बोला कि संसद में एक प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए जिसमें बोला जाए कि कांग्रेस पार्टी एक ऐसी पार्टी है जिसने आतंकियों का समर्थन किया है और हिंदुओं को फंसाया है, जिससे वह हिंदू विरोधी पार्टी बन गई है. साध्वी प्रज्ञा, सैन्य ऑफिसरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर झूठे इल्जाम लगाकर, कांग्रेस पार्टी ने 2009 का चुनाव जीतने के लिए एक सियासी एजेंडा चलाया… राम जन्मभूमि मुद्दे में इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्णय के बाद, सोनिया गांधी ने तुरंत बोला कि वे मुद्दे में पक्षकार न होने के बावजूद, सर्वोच्च कोर्ट में अपील करेंगी

