इस योजना के तहत गरीबों और बुजुर्गों को 4 साल तक मिलेगा मुफ़्त इलाज
जिले के गरीब और बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक जरूरी स्वास्थ्य समाचार है. प्रदेशभर में आयुष्मान भवः अभियान के अनुसार हेल्थ मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्यक्रम की आरंभ हो चुकी है. इस अभियान के अनुसार गरीब और बुजुर्ग नागरिकों को हर वर्ष चार बार मेडिकल जांच की सुविधा दी जाएगी, जो सीएम आयुष्मान आरोग्य शिविरों के दौरान मुफ़्त प्रदान की जाएगी.

मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी, डाक्टर दिनेश चंद मीना ने कहा कि आरोग्य शिविर हिंदुस्तान गवर्नमेंट के निर्देशानुसार आयोजित किए जाएंगे. जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिर एसएचसी एएएम पर प्रत्येक शनिवार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर पीएचसी एएएम पर प्रत्येक गुरुवार, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रत्येक बुधवार, जिला अस्पताल पर हर महीने के पहले और तीसरे शुक्रवार को, और मेडिकल कॉलेज स्तर पर हर महीने के दूसरे और चौथे शुक्रवार को आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों के दौरान सीएचसी, जिला चिकित्सालय, और मेडिकल कॉलेजों में रेफर किए गए रोगियों को अहमियत दी जाएगी और उन्हें निर्धारित शिविर में परामर्श और इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी.
ओडीके एप पर दर्ज की जाएगी जानकारी
डॉ। मीना ने यह भी कहा कि गरीब और बुजुर्ग नागरिकों की वार्षिक मेडिकल जांच चार बार की जाएगी. पहली जांच 21 अगस्त 2024 को, दूसरी जांच 1 अक्टूबर 2024 को, तीसरी जांच 1 दिसंबर 2024 को, और चौथी और आखिरी जांच 10 मार्च 2025 को की जाएगी. आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर 60 साल से अधिक उम्र के रोगियों की जांच की जानकारी ओडीके एप पर दर्ज की जाएगी.
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों में जानकार डॉक्टरों की सेवाएं मौजूद कराई जाएंगी. शिविर में निम्नलिखित सेवाएं प्रदान की जाएंगी:
- गर्भावस्था और बच्चों के जन्म के समय देखभाल
- नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल
- बचपन और किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल
- परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक सेवाएं और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल
संचारी रोगों का प्रबंधन - तीव्र रोंगों और हल्की रोंगों के लिए सामान्य ओपीडी सेवाएं
- गैर-संचारी रोंगों की स्क्रीनिंग, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन
- सामान्य नेत्र, नाक, कान, गला, और मुख स्वास्थ्य सेवाएं
- प्रौढ़ और उपशामक स्वास्थ्य देखभाल
- जलने और आघात जैसी इमरजेंसी चिकित्सा सेवाएं
- मानसिक स्वास्थ्य रोगों की स्क्रीनिंग और बुनियादी प्रबंधन
इसके अलावा, शिविरों में बीमार का पंजीकरण, आभा आईडी बनाना, आयुष प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं, मुफ़्त दवाएं, जांच और टेली-कंसल्टेशन सेवाएं, और वैलनेस गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा.

