दिग्गज बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की सेहत में आया सुधार
बुधवार की रात नयी दिल्ली के एम्स में भर्ती कराए गए वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी को गुरुवार को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई. डॉक्टरों ने बोला कि बीजेपी नेता स्थिर हैं. उनका मूल्यांकन जानकारों द्वारा किया गया है. 96 वर्षीय बीजेपी नेता को इस वर्ष की आरंभ में चार अन्य लोगों के साथ हिंदुस्तान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार हिंदुस्तान रत्न से सम्मानित किया गया था. अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में आडवाणी हिंदुस्तान के उपप्रधानमंत्री रहे.

आडवाणी और जनसंघ के कई अन्य सदस्यों ने 1980 में जनता पार्टी छोड़ दी और बीजेपी (भाजपा) का गठन किया. पूर्व पीएम अटल बिहारी वालपेयी भाजपा के पहले अध्यक्ष थे. आडवाणी ने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1989 में नयी दिल्ली सीट से लड़ा. उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन में जरूरी किरदार निभाई है और राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण की मांग के लिए रथ यात्रा प्रारम्भ की थी.
आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची में हुआ था. वह 14 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हो गए थे. आरएसएस के सचिव के रूप में, आडवाणी ने अलवर, भरतपुर, कोटा सहित अन्य भारतीय शहरों में काम किया. इंदिरा गांधी के कार्यकाल में आपातकाल के दौरान उन्हें अरैस्ट कर लिया गया था. पार्टी के गठन के बाद से आडवाणी बीजेपी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले आदमी हैं. वह पहली बार 1986 में अटल बिहारी वाजपेयी के बाद 1990 तक इस पद पर रहे.
इसके बाद वे 1993 से 1998 तक और वेंकैया नायडू के त्याग-पत्र देने के बाद 2004-2005 के बीच फिर से इस पद पर रहे. पीएम के रूप में मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल के दौरान आडवाणी ने विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया. बाद में उन पर और मुहम्मद अली जिन्ना पर की गई एक टिप्पणी पर टकराव के बाद उन्होंने विपक्ष के नेता पद से त्याग-पत्र दे दिया. उनकी स्थान राजनाथ सिंह ने ली

