विपुल गोयल ने गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था को लेकर दिया यह बड़ा आश्वाशन

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शहरी क्षेत्रीय निकाय मंत्री विपुल गोयल सोमवार को गुरुग्राम स्थित बंधवाड़ी प्लांट का निरीक्षण करने के उपरांत पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने नगर निगम ऑफिसरों से शहर की सफाई प्रबंध को लेकर अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट ली. उन्होंने बोला कि गुरुग्राम एक वैश्विक शहर है और यहां किए जाने वाले प्रयासों का संदेश अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक जाता है. संबंधित अधिकारी सफाई प्रबंध के साथ-साथ सी एंड डी वेस्ट (निर्माण एवं विध्वंस मलबा) के चिन्हित स्थलों पर त्वरित सुधार सुनिश्चित करें.
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गुरुग्राम की सफाई प्रबंध की स्थिति पर पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम नायब सिंह सैनी स्वयं लगातार नज़र रख रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि अधिकारी पहले से भी अधिक सरेंडर और गति के साथ कार्य करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें.
विपुल गोयल ने नगर निगम ऑफिसरों को निर्देश दिए कि वे सफाई प्रबंध को वार्ड स्तर पर क्रियान्वित करें. पहले से निर्धारित प्रक्रिया में बदलाव करते हुए प्रत्येक वार्ड को स्वतंत्र इकाई मानकर काम किया जाए, जिसमें किसी प्रकार की संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने साफ निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड में सी एंड डी वेस्ट के प्रबंधन हेतु एक जेसीबी मशीन, तीन ट्रैक्टर और चार से पांच कर्मचारियों की टीम को संबंधित वार्ड पार्षद के साथ अटैच किया जाए. साथ ही निगम की ओर से संबंधित कनिष्ठ अभियंता एवं एसडीओ को भी उस टीम में शामिल किया जाए. निर्धारित संसाधनों की उपलब्धता के उपरांत हर वार्ड में एक माह तक सघन सफाई अभियान चलाया जाए. उन्होंने बोला कि इस अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले वार्ड को सीएम के हाथों नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जाएगा. बैठक में नगर निगम आयुक्त ने अवगत कराया कि 10 अगस्त से पहले सी एंड डी वेस्ट के निस्तारण हेतु टेंडर आवंटित कर दिया जाएगा. साथ ही मलबे के प्रोसेसिंग कार्य को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है.
शहरी क्षेत्रीय निकाय मंत्री ने निर्देश दिए कि गुरुग्राम के अंदरूनी इलाकों में जलभराव की परेशानी को ध्यान में रखते हुए 20 साल पुरानी सीवर लाइनों का सर्वे कराया जाए. सर्वेक्षण के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन स्थानों पर जीर्णाेद्धार अथवा नयी सीवर लाइन की जरूरत है. उन्होंने इस कार्य के लिए एक माह की समय सीमा निर्धारित की है. इसके अतिरिक्त ताजा कचरे के निस्तारण को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा की गई.
उन्होंने नगर निगम ऑफिसरों से बोला कि शहर में स्थित कूड़ा संग्रहण के सेकंडरी प्वाइंट्स को एक निश्चित ऊंचाई तक ढका जाए, जिससे बाहर से सिर्फ़ वाहनों की आवाजाही ही दिखाई दे. इससे न केवल दृश्य प्रदूषण कम होगा, बल्कि स्वच्छता का स्तर भी बेहतर होगा. मंत्री ने बैठक में यह भी निर्देश दिए कि मानसून के कारण शहर की सड़कों पर उत्पन्न हुए गड्ढों को अभी से चिन्हित किया जाए ताकि बरसात के खत्म होते ही उनकी मरम्मत का कार्य तुरन्त प्रारम्भ किया जा सके. इससे आमजन को सुगम यातायात की सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी.
इस दौरान बैठक में गुरुग्राम के डीसी अजय कुमार, गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा सहित नगर निगम एवं जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

