बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा का आज होगा समापन
पिछले 16 दिनों से एसआईआर और वोट चोरी के विरुद्ध विपक्ष की बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा का आज समाप्ति हो जाएगा. कांग्रेस पार्टी सांसद राहुल गांधी आज तेजस्वी यादव और महागठबंधन के तमाम कद्दावर नेताओं के साथ पटना में पैदल मार्च करेंगे. यह मार्च सुबह 11 बजे गांधी मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से प्रारम्भ होकर पटना उच्च न्यायालय के निकट स्थित बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचेगा. दोपहर 1 बजे महागठबंधन के नेताओं का संयुक्त संबोधन भी तय है. यात्रा के लिए एक विशेष बस भी तैयार की गई है.

1300 किलोमीटर की यात्रा का आखिरी पड़ाव
‘वोटर अधिकार यात्रा’ की आरंभ 17 अगस्त को सासाराम से हुई थी. 25 जिलों और 110 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों से गुज़रते हुए यह यात्रा 16 दिन बाद पटना में समाप्त होगी. इस दौरान राहुल गांधी और उनके साथियों ने 1300 किलोमीटर की दूरी तय की और बीजेपी, पीएम मोदी तथा चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा. जगह-जगह ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए गए. सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने मार्च को सिर्फ़ डाक बंगला चौराहा तक निकालने की अनुमति दी है. ऐसे में यदि यात्रा को रोका गया तो महागठबंधन नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन और प्रशासन से बहस होने की आसार है.
विपक्षी नेताओं का जुटान
इस यात्रा में कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ महागठबंधन के लगभग सभी प्रमुख नेता शामिल हुए हैं. तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन, संजय राउत, सुप्रिया सुले और यूसुफ पठान जैसे नेताओं की मौजूदगी से पटना का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है. इससे पहले डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन और कांग्रेस पार्टी शासित राज्यों के सीएम भी यात्रा में शामिल हो चुके हैं. 14वें दिन सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस अभियान का समर्थन किया और बिहार की जनता से भाजपा को उसी तरह हराने की अपील की, जैसे यूपी में हुआ.
इस इलाकों से गुजरी यात्रा
कांग्रेस महासचिव के।सी वेणुगोपाल के अनुसार, बिहार की जनता ने इस यात्रा को “अभूतपूर्व समर्थन” दिया है. विधानसभा चुनाव से पहले इसे महागठबंधन की सबसे बड़ी सियासी मुहिम के रूप में देखा जा रहा है. राहुल गांधी ने भी घोषणा की कि यह आंदोलन केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे राष्ट्र में फैलेगा और भाजपा को अब चुनावी गड़बड़ी नहीं करने दी जाएगी. आपको बता दें, यह यात्रा यह यात्रा रोहतास, औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, शेखपुरा, नालंदा, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर और कुछ अन्य क्षेत्रों से गुजरी.

