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Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक अगले हफ्ते पेश होने की संभावना

Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक अगले सप्ताह पेश होने की आसार है मंगलवार को गवर्नमेंट की ओर से विधेयक पेश करने की तारीख बता दी जाएगी इस विधेयक का मुखालफत तमाम विपक्षी दल और कई मुसलमान संगठन कर रहे हैं हालांकि गवर्नमेंट इस पर व्यापक रूप से संसद में बहस कराना चाहती है गवर्नमेंट का मानना है कि इस पर बहस के बाद जिस तरह के अफवाह फैलाये जा रहे है, उस पर विराम लगेगा साथ ही जो लोग इसका विरोध कर रहे है, उनको भी ठीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी

बहस में शामिल हो सभी दल

इस बीच सोमवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया है गवर्नमेंट वक्फ संशोधन विधेयक लाने की तैयारी कर चुकी है इस विधेयक पर होने वाली बहस में सभी दलों को शामिल होना चाहिए विधेयक को जल्दबाजी में नहीं बनाया गया है संयुक्त संसदीय समिति ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया है सभी हितधारकों की रिकॉर्ड संख्या में बात सुनी गयी है इस व्यापक विचार-विमर्श की प्रक्रिया के बाद विधेयक को तैयार किया गया है लेकिन कुछ दल और संगठन लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं

जो संगठन इस विधेयक को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, उनकी पहचान की गयी है यह असत्य फैलाया जा रहा है इस कानून के जरिये गवर्नमेंट मुस्लिमों के कब्रिस्तान, मस्जिद और लोगों की जमीन छीनने की तैयारी कर रही है नागरिकता संशोधन कानून के दौरान भी ऐसे ही लोगों को गुमराह करने का काम किया गया था क्या नागरिकता कानून पारित होने के बाद किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता पर कोई फर्क पड़ा

जरूरत पड़ी, तो बढ़ सकता है सत्र

केंद्रीय मंत्री ने बोला कि यदि आवश्यकता पड़ी तो बजट सत्र को बढ़ाया जा सकता है इस विधेयक पर गवर्नमेंट व्यापक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है राष्ट्र संविधान और कानून से चलता है किसी की जमीन को गवर्नमेंट कैसे जबरन ले सकती है गवर्नमेंट विधेयक के हर प्रावधान पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन विरोध के लिए तर्क का सहारा लेना चाहिए हंगामा करने से कुछ हासिल नहीं होगा विपक्षी दल के कई सांसद इन विधेयक के पक्ष में है

जदयू-टीडीपी का रुख साफ नहीं

गौरतलब है कि इण्डिया गठबंधन में शामिल दल वक्फ विधेयक का लगातार विरोध कर रहे हैं वहीं एनडीए में शामिल जदयू, टीडीपी और अन्य दलों की ओर से अभी रूख साफ नहीं किया गया है लेकिन एनडीए के भीतर विधेयक को लेकर आम सहमति बनने की बात कही जा रही है

बिहार के सीएम नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से कई मुसलमान संगठनों ने इस विधेयक का विरोध करने की मांग की है ऐसी समाचार है कि जदयू ने इस विधेयक को लेकर गवर्नमेंट के सामने अपनी मांग रखी है और गवर्नमेंट इन मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस होने की आसार है

ईसाई संगठन भी गवर्नमेंट के समर्थन में उतरा

इस बीच कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेंस ऑफ इंडिया(सीबीसीआई) ने भी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है सीबीसीआई का बोलना है कि मौजूदा वक्फ कानून के कुछ प्रावधान संविधान और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं केरल ने वक्फ बोर्ड ने इन प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए मुनांबम में 600 परिवारों के पैतृक आवासीय संपत्ति पर अपना अधिकार जताया है पिछले तीन वर्ष से वक्फ के इस दावे के कारण लोग जटिल कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं ऐसे में इस कानून में संशोधन से ही लोगों को राहत मिल सकती हैं इस हकीकत को जनप्रतिनिधियों को स्वीकार करना चाहिए यह विधेयक संसद में पेश में होने वाला है और हमारी सभी सियासी दलों से मांग है कि वे भेदभाव से ऊपर उठकर इस विधेयक पर सकारात्मक रवैया अपनाएं जमीन पर मालिकाना अधिकार का मुद्दा पूरी तरह हल होना चाहिए संविधान के विरुद्ध इस कानून के प्रावधान को हटाया जाना चाहिए

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