बाबासाहेब को लेकर ये क्या बोल गए राहुल गांधी…
Rahul Gandhi on Caste Census: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को जाति जनगणना की बात दोहराई है। उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के ऐतिहासिक महाड़ सत्याग्रह को याद किया। असल में राहुल ने तेलंगाना जाति सर्वेक्षण पैनल के सदस्य और फेमस शिक्षाविद् प्रोफेसर सुखदेव थोराट के साथ वार्ता की। इस दौरान राहुल गांधी ने दलितों को शासन शिक्षा और संसाधनों तक समान पहुंच दिलाने की लड़ाई पर बल दिया। उन्होंने बोला कि अंबेडकर द्वारा जातिगत भेदभाव के विरुद्ध प्रारम्भ की गई यह लड़ाई अभी अधूरी है और इसे पूरी ताकत से जारी रखना होगा।

’98 वर्ष पहले प्रारम्भ हुई लड़ाई’
दरअसल इस वार्ता का वीडियो राहुल गांधी ने अपने यूट्यूब और सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि 98 वर्ष पहले प्रारम्भ हुई अधिकार की यह लड़ाई अब भी जारी है। 20 मार्च 1927 को बाबासाहेब अंबेडकर ने महाड़ सत्याग्रह के माध्यम से जातिगत भेदभाव को सीधी चुनौती दी थी। यह सिर्फ़ पानी के अधिकार की लड़ाई नहीं थी बल्कि समानता और सम्मान के लिए संघर्ष था।
राहुल गांधी ने आगे लिखा कि उन्होंने प्रो थोराट से इस सत्याग्रह के महत्व पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने दलित समुदाय को शासन, शिक्षा, नौकरशाही और संसाधनों तक समान पहुंच दिलाने की अब भी जारी लड़ाई पर विस्तार से बात की। उन्होंने बोला कि जाति जनगणना इस असमानता की सच्चाई को उजागर करने का एक जरूरी कदम है जबकि इसके विरोधी इस सच को छुपाना चाहते हैं।
लड़ाई सिर्फ़ इतिहास का हिस्सा नहीं
इस दौरान उन्होंने बोला कि बाबासाहेब का सपना अभी अधूरा है। उनकी लड़ाई सिर्फ़ इतिहास का हिस्सा नहीं है। बल्कि यह आज भी प्रासंगिक है और हम इसे पूरी ताकत से लड़ेंगे। राहुल गांधी ने जाति जनगणना का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए बोला कि वे समाज में व्याप्त असमानता की सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहते।
राहुल गांधी और प्रो थोराट के बीच हुई इस चर्चा के दौरान दलित समाज के सामने उपस्थित चुनौतियों, उनकी शिक्षा और संसाधनों तक उनकी सीमित पहुंच पर भी बात हुई। राहुल गांधी ने अंत में बोला कि बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा प्रारम्भ की गई समानता की यह लड़ाई अब भी जारी है और इसे पूरी ताकत से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

