रल में निपाह को रोकने के लिए क्या है लेटेस्ट अपडेट 10 प्वाइंट में जानें…
केरल में निपाह वायरस इन दिनों बड़ी तेजी के साथ फैल रहा है। एक 24 वर्षीय हेल्थ वर्कर निपाह वायरस के एक रोगी के संपर्क में आया और जब उसका टेस्ट किया गया तो वह बुधवार को पॉजिटिव मिला। इसके बाद केरल में निपाह वायरस के पॉजिटिव रोगियों की संख्या 5 हो गई है। निपाह वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य गवर्नमेंट ने कंटेनमेंट जोन और कई पाबंदियां लगा रखी हैं। केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा है कि अब निपाह वायरस के पॉजिटिव रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट में 700 लोग हैं और इसमें से 77 लोग हाई रिस्क कैटेगरी में हैं।

केरल में निपाह को रोकने के लिए क्या है लेटेस्ट अपडेट 10 प्वाइंट में जानें
हाई रिस्क कैटेगरी वाले निपाह मरीजों को अपने घरों के अंदर रहने के लिए बोला गया है। निपाह के कारण जिन दो रोगियों की मृत्यु हुई है, उनके रूट प्रकाशित कर दिए गए हैं, ताकि लोग उन रास्तों का इस्तेमाल न करें।
कोझिकोड में त्योहारों और समारोहों में बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कोझिकोड जिले के वडकारा तालुक में नौ पंचायतों के 58 वार्डों को नियंत्रण क्षेत्र घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं और वहां रहने वाले लोगों के एंट्री और वहां से निकलने की अनुमति है। जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक काम करने की अनुमति होगी। फार्मेसियों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए कोई समय सीमा नहीं दी गई है। इतना ही नहीं नेशनल हाईवे पर चलने वाली बसों या अन्य वाहनों को कन्टेनमेंट जोन से गुजरने के दौरान रुकने नहीं दिया जा रहा है।
कोझिकोड में 9 वर्ष का एक बच्चा संक्रमण से पीड़ित है और गवर्नमेंट ने बच्चे के उपचार के लिए आईसीएमआर से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का ऑर्डर दिया है। इसका कोई क्लीनिकल प्रमाण नहीं है कि यह निपाह के विरुद्ध काम करता है लेकिन यह एकमात्र मौजूद इलाज है। कहा जा रहा है कि वह लड़का अभी वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
लगभग 700 लोग रोगियों के संपर्क में आए और उनमें से 76 लोग हाई रिस्क वाले हैं। मंत्री ने बोला कि वे सभी लोग स्थिर हैं।
जबकि इस बार निपाह वायरस का सबसे ज्यादा असर कोझिकोड में हुआ। मंत्री वीना जॉर्ज ने बोला कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और आईसीएमआर स्टडी के अनुसार, पूरे केरल में इस तरह के संक्रमण होने का खतरा है।
इस बार केरल में जो निपाह स्ट्रेन पाया गया है, वह बांग्लादेश वैरिएंट है जो कम संक्रामक है लेकिन मौत रेट अधिक है। यह स्ट्रेन आदमी से आदमी में फैलता है।
निपाह एक ज़ूनोटिक वायरस है जो संक्रमित जानवरों या दूषित भोजन से मनुष्यों में फैल सकता है और फिर यह एक संक्रमित आदमी से दूसरे में ट्रांसमिट हो सकता है। लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, उल्टी शामिल हैं जो गंभीर मामलों में मस्तिष्क की सूजन में बदल जाती हैं जिससे मस्तिष्क की मौत हो जाती है।
केरल ने पहले निपाह के प्रकोप की सूचना दी थी। 2018 में एक बार और 2019 और 2021 में कुछ भिन्न-भिन्न मुद्दे आए थे। 2018 में 18 मरीजों में से 17 की मौत हो गई थी।
केरल में निपाह के प्रकोप ने कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले को अलर्ट पर रखा है। स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस से जिले में प्रवेश करने वाले मालवाहक वाहनों की जांच के लिए सीमा बिंदुओं पर चेकपोस्ट खोलने को बोला है। पुलिस को केरल से राज्य में प्रवेश करने वाले फलों की जांच करने का निर्देश दिया गया है।

