2024 के चुनाव के बाद अगर बीजेपी जीती तो कांग्रेस के विधायकों का क्या होगा…
देश लोकसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है। बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। ऐसे में उस राज्य की भी चर्चा सामने आ ही जाती है जो कहीं ना कहीं पीएम मोदी और अमित शाह का गढ़ है। हम बात गुजरात की कर रहे हैं। वर्तमान में देखा जाए तो गुजरात में बीजेपी का एक छत्रराज है। पिछले विधानसभा चुनाव में 182 सीटों में से 156 सीटों पर भगवा झंडा लहराकर बीजेपी ने यह साबित कर दिया कि लोकसभा चुनाव में यहां क्या स्थिति रहने वाली है। कांग्रेस पार्टी को जबरदस्त हानि हुआ और पार्टी केवल 17 सीटों पर सिमट गई। गुजरात में लोकसभा की 26 साटें हैं। 2019 में इन 26 सीटों पर बीजेपी ने जबर्दस्त जीत हासिल की थी। यही कारण है कि 2024 के चुनाव को लेकर गुजरात में जबरदस्त चर्चा है। बड़ा प्रश्न यही है कि क्या 2019 का जादू गुजरात में एक बार फिर से बीजेपी दोहरा पाएगी? 2024 के चुनाव के बाद यदि भाजपा जीती तो कांग्रेस पार्टी के विधायकों का क्या होगा? क्या कांग्रेस पार्टी पार्टी चुनाव के दौरान ही बिखर जाएगी?

कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी
इस तरह की चर्चा गुजरात में इसलिए भी हो रही है क्योंकि कांग्रेस पार्टी लगातार कमजोर होती दिखाई दे रही है। आम आदमी पार्टी ने गुजरात में अपनी पकड़ को मजबूत करने की आरंभ कर दी है। ऐसे में बीजेपी विरोधी वोट में लगातार बिखरा हो रहा है। कांग्रेस पार्टी गुजरात को लेकर इतनी सक्रियता नहीं दिख रही जितनी होनी चाहिए। ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी गुजरात के बारे में यह सोच बन चुकी है कि यहां अपना कुछ होने वाला नहीं है। पार्टी के भीतर आंतरिक गुटबाजी भी जबरदस्त ढंग से देखने को मिल रही है। कांग्रेस पार्टी के नेता भी दबे जुबान में इस बात को स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि आने वाले दिनों में पार्टी के कई विधायक त्याग-पत्र भी दे सकते हैं। पिछले दिनों देखा जाए तो गुजरात विधानसभा के दो विधायक एक कांग्रेस पार्टी के और एक आम आदमी पार्टी के ने त्याग-पत्र दे दिया और बीजेपी में शामिल हो गए। यही कारण है कि यह बताया जा रहा है कि बीजेपी 26 सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी को लगातार कमजोर करने की प्रयास करेगी।
कांग्रेस की इन्साफ यात्रा
गुजरात में देखें तो हिंदुस्तान जोड़ो इन्साफ यात्रा के अनुसार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी 5 दिनों तक अपना जलवा दिखाने की तैयारी में है। इन पांच दिनों में 7 जिलों के 445 किलोमीटर की यात्रा कांग्रेस पार्टी की ओर से तय की जाएगी। बावजूद इसके लोकसभा चुनाव में पार्टी को कितना जन समर्थन मिल पायेगा, इसको लेकर सियासी विश्लेषकों में असमंजस की स्थिति है। सियासी विश्लेषकों का स्पष्ट रूप से मानना है कि गुजरात में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस पार्टी को बहुत मजबूत होने की जरूरत है। लेकिन पार्टी गुजरात में मजबूत कैसे होगी, यह उसके समक्ष बड़ा प्रश्न है। उसकी इण्डिया गठबंधन की सहयोगी आम आदमी पार्टी गुजरात में अपनी पैठ को मजबूत कर रही है। 2022 विधानसभा चुनाव में हमने यह भी देखा कि कैसे कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक में आम आदमी पार्टी ने ही सेंधमारी की थी।
भाजपा का भर्ती अभियान
पिछले दिनों हमने देखा कि कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ चुके बड़े नेताओं समेत 2000 से अधिक कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो गए। बड़े नेताओं को गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटील और सीएम भूपेंद्र पटेल ने स्वागत किया। बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस पार्टी और आप की डूबती नाव देखकर ये नेता हमारे साथ आ रहे हैं। हालांकि गुजरात कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने स्पष्ट रूप से बोला है कि डरना और धमकाना यही भाजपा का काम बचा है। इसी के सहारे वह पार्टियों को तोड़ रहे हैं। हालांकि, यह बात भी स्पष्ट रूप से सामने निकल कर आई है कि जिस ढंग से कांग्रेस पार्टी आलाकमान ने राम मंदिर का निमंत्रण अस्वीकार किया है, उससे गुजरात में पार्टी कार्यकर्ता नाराज हुए हैं। यही कारण है कि वह बीजेपी की ओर रुख कर रहे हैं।
आप की तैयारी
गुजरात विधानसभा चुनाव में लगातार प्रचार और पूरी ताकत लगाने के बाद आम आदमी पार्टी केवल पांच सीटों पर ही चुनाव जीत सकी। आप को लेकर यह प्रश्न बना हुआ है कि उसके विधायक पूरे 5 वर्ष उसके साथ रहेंगे या नहीं? बावजूद इसके आम आदमी पार्टी गुजरात में लोकसभा चुनाव की तैयारी प्रारम्भ कर चुकी है। पिछले ही दिनों आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनावी दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने भरूच लोकसभा सीट से अपने प्रत्याशी का भी घोषणा कर दिया। यहां केजरीवाल ने कारावास में बंद पार्टी विधायक चैतर वसावा को अपना उम्मीदवार बनाया है। भरूच लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी की भी दावेदारी मजबूत है। यहां से कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकार अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल अपना दावा कर रही हैं। ऐसे में इण्डिया गठबंधन की यह दोनों पार्टियों के बीच यहां चुनावी दंगल दिखाई दे सकता है।

