जब अपने कार्यकाल में मनमोहन सिंह ने उठाया था इन राजों से पर्दा…
भारत के पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का मृत्यु हो गया. वर्ष 2013 में चुनावी माहौल के बीच पीएम रहते हुए मनमोहन सिंह रायपुर आए थे. एक सभा को संबोधित भी किया. यह उनकी छत्तीसगढ़ में अंतिम सियासी स्पीच थी .

इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सल हमले झीरम काण्ड को लेकर एक बड़ा दावा किया था. पीएम के रुप में इस मंच से मनमोहन सिंह बोल रहे थे, उन्होंने यह बोला कि सियासी मतभेदों के चलते छत्तीसगढ़ के कांग्रेस पार्टी नेताओं को बीजेपी की रमन सिंह गवर्नमेंट ने सुरक्षा नहीं दी. यह सभा रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 9 नवंबर 2013 को आयोजित की गई थी.
मनमोहन सिंह की वो स्पीच साथियों – एक बीजेपी नेता ने 25 मई को झीराम घाटी के हमले के बाद छत्तीसगढ़ की गवर्नमेंट ने कितनी संवेदना के साथ काम किया लेकिन इस बात का उन्होंने जिक्र नहीं किया की सुरक्षा की कितनी गंभीर कमी थी, जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी पार्टी के इतने सारे महान नेता और कार्यकर्ता और सुरक्षा कर्मी इतनी भयावह ढंग से मारे गए. इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि सिर्फ़ सियासी मतभेदों की वजह से भाजपा गवर्नमेंट ने कांग्रेस पार्टी पार्टी के संबंधित लोगों की सुरक्षा की कोई प्रबंध नहीं की . भाजपा द्वारा छत्तीसगढ़ के पब्लिक डिसटीब्यूशन सिस्टम प्रशंसा की जाती है, लेकिन यह नहीं कहा जाता कि इस पीडीएस सिस्टम को आगे चलाने के लिए पैसा कहां से आता है यह पैसा 90 प्रतिशत केंद्र की कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट से आता है.
झीरम धावा यह हमारे लोकतंत्र पर सीधा धावा था. मैं यह भी जानता हूं कि इस तरह की घटनाओं से हमारे राष्ट्र और कांग्रेस पार्टी पार्टी के आत्मशक्ति को कभी काम नहीं किया जा सकता. झीरम घाटी का उग्रवादी धावा यह भी दर्शाता है कि भाजपा की छत्तीसगढ़ की गवर्नमेंट के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा प्रबंध कितनी खराब हो गई है. आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी गवर्नमेंट की बुनियादी जिम्मेदारी होती है, लेकिन छत्तीसगढ़ की बीजेपी गवर्नमेंट इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह असफल रही है.
राज्य के बहुत से क्षेत्र उग्रवादियों के काबू में है और वहां गवर्नमेंट की कोई बात नहीं मानी जाती. इसी वजह से इन हिस्सों में विकास के काम नहीं हो रहे.
मैं एक और बात यहां स्पष्ट रूप से बोलना चाहूंगा कि हम विपक्षी दलों की और उनकी सरकारों की नीतियों के आलोचना जरूर करेंगे. क्योंकि हम उनसे असहमत हैं लेकिन हमें अपना धैर्य खोकर विपक्षी नेताओं के खिलाफ ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए जो अपमानजनक हो. किसी भी सियासी दल का मकसद सत्ता में आना होता है लेकिन सत्ता के लालच में किसी भी दल को सस्ती राजनीति का रास्ता नहीं अख्तियार करना चाहिए.
रायपुर में एम्स प्रारम्भ करने में अहम रोल PM मनमोहन सिंह का रायपुर में एम्स हॉस्पिटल प्रारम्भ करने में भी अहम रोल रहा. प्रदेश में बीजेपी की गवर्नमेंट बनी और केंद्र में UPA सत्ता में थी. एम्स के लिए केंद्र से मिले फंड से हॉस्पिटल बनाने का काम हुआ. वर्ष 2012 में तब के स्वास्थ्यमंत्री गुलामनबी आजाद ने इसका लोकार्पण करवाया.
CG के बहादुर बच्चे को किया था सम्मानित
24 जनवरी, 2013 को नयी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के चि। मुकेश निषाद को राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार – 2012 प्रदान करते हुए प्रधान मंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह.

