बेहद क्रूर मामला! टीचरों ने होली मनाने से किया मना, तो छात्र नेताओं ने उठाया ये कदम
इंदौर: मध्य प्रदेश से एक शर्मनाक समाचार सामने आई है। जहां हर कोई गुरु का सम्मान करता है, वहीं इंदौर के कुछ विद्यार्थियों ने सारी हदें पार कर दीं। इन्होंने अपने ही गुरुओं को बंधक बना लिया वो भी चंद मिनटों के लिए बल्कि पूरे एक घंटे तक प्राचार्या और प्रोफेसरों को बंधक बनाया। इस पूरे टकराव के पीछे की वजह जानकर आप दंग रह जाएंगे। आइए बताते हैं पूरा मामला…

घटना इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज की है। यहां सोमवार को विद्यार्थी नेताओं ने प्रिंसिपल समेत कई प्रोफेसरों को एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। सभी को हॉल में बंद कर बाहर गेट पर लकड़ी फंसा दी ताकि कोई बाहर न आ सके। यहां तक कि बिजली सप्लाई भी बंद कर दी।
होली मिलन कार्यक्रम के पोस्टर
दरअसल, विद्यार्थियों ने कॉलेज कैंपस में निजी कोचिंग से स्पॉन्सर्ड होली मिलन कार्यक्रम के पोस्टर लगाए थे। प्रिंसिपल डाक्टर अनामिका जैन ने इन पोस्टर्स को हटवा दिया था। इसके बाद विद्यार्थी नेताओं ने प्रोफेसरों को यशवंत हॉल में बंद कर दिया और बाहर नारेबाजी करने लगे। एक कर्मचारी ने हॉल की खिड़की से बाहर निकलकर गेट खोला।
कलेक्टर से की शिकायत
इसके बाद प्रिंसिपल डाक्टर अनामिका जैन ने कलेक्टर से मुलाकात कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से आयोजन की स्वीकृति नहीं दी थी। बिना अनुमति लगे पोस्टर हटाए थे।
होली कार्यक्रम को लेकर बवाल
कुछ दिन पहले कुछ विद्यार्थी नेता और एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मैदान में 7 मार्च को होली कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी। सोमवार को पूरे परिसर में आयोजन के पोस्टर लगा दिए गए।कॉलेज प्रशासन ने इन्हें हटवाया तो विद्यार्थी नेताओं ने हंगामा प्रारम्भ कर दिया। प्रिंसिपल फैकल्टी की मीटिंग के लिए यशवंत हॉल गईं तो विद्यार्थी नेता वहां भी पहुंच गए। नारेबाजी करने लगे। प्रिंसिपल ने अंदर से दरवाजा बंद करा दिया तो विद्यार्थी नेताओं ने बाहर से गेट लगा दिया। विद्यार्थी नेताओं ने बाद में प्राचार्य कक्ष में भी हंगामा किया।
बता दें, कलेक्टर अशीष सिंह ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए जांच कमेटी का गठन किा गया है। AdM राजेंद्र रघुवंशी पूरे मुद्दे की जांच कर रहे हैं। 24 घंटे में जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपनी है।

