AC कोच में कहां से घुस आया ये खतरनाक मौत का फरिश्ता, घंटों दहशत में रहे यात्री…
नई दिल्ली। गोरखपुर से मुंबई की ओर गोरखपुर बांद्रा एक्सप्रेस जा रही थी। यात्री यात्रा का आनंद ले रहे थे। कोई रील देख रहा था तो कोई गपशप कर रहा था।। तभी एसी कोच के अपर बर्थ पर बैठे एक यात्री सांप-सांप कर बल से चिल्लाया। यह सुनते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। पुरुष ने सांप का वीडियो बनाया। करीब पांच घंटे तक यात्रियों ने सांस थामकर यात्रा किया। इस संबंध में भारतीय रेलवे ने कहा कि यदि सांप कोच में दिख जाए तो सबसे पहले क्या करना चाहिए।

ट्रेन नंबर 15067 गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन गोंडा के आसपास आसपास थी, तभी अपर बर्थ के पैनल में यात्री को सांप दिखा। यात्रियों ने इसकी सूचना चारबाग स्टेशन पर दी। सूचना मिलने के बाद जांच टीम कोच में पहुंची और आधे घंटे तक जांच करती रही लेकिन सांप नहीं मिला। इस बीच कोच को अलग करने की बात कही गयी, लेकिन कुछ यात्री हड़बड़ी करने लगे। तो यात्रियों की सहमति से ट्रेन को आगे बढ़ा दिया गया। फिर कानपुर स्टेशन में कोच को बदला गया। इस तरह करीब पांच घंटे तक यात्रियों ने भय में यात्रा किया। हालांकि यह मुद्दा पिछले वर्ष का है। लेकिन बारिश के महीने में इस तरह की घटनाएं देखी गयी हैं।
बारिश में ज्यादा संभावना
बारिश के महीने में कोच में सांप निकलने की ज्यादा आसार होती है, क्योंकि इस समय तमाम राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। इसे में यार्ड या किसी स्टेशन में ट्रेन खड़ी होने के दौरान सांप आ सकता है। पिछले वर्ष सितंबर में जबलपुर मुंबई गरीब रथ एक्सप्रेस में एसी कोच में हैंडल से सांप लिपटा था, यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट कर कोच को अलग किया गया। वहीं जबलपुर से कोटा चलने वाली दयोदया एक्सप्रेस भी एसी कोच में सांप देखा गया। सांप पकड़ने वाले आए लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं िमली। फिर को अलग कर ट्रेन को रवाना किया गया।
रेलवे ने बताया-ऐसे में क्या करना चाहिए
उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर ने कहा कि कोच में सांप निकलने पर उसे छेड़ने के बजाए अपने आपको सुरक्षित करना चाहिए। आमतौर पर सांप तभी धावा करता है जब उसे खतरा महसूस होता है। यदि आपके सामाने के आसपास दिखा है तो सामान छून की प्रयास बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। यदि रेलवे यात्रियों को सांप वाले कोच से दूसरे कोच में शिफ्ट कर रहा है तो सामान को एक बार स्टेशन में ही खोलकर चेक करना चाहिए, उसके बाद ही दूसरे कोच में ले जाना चाहिए। रेल सहायता एप पर या टिकट चेकिंग स्टाफ को तुंरत बताना चाहिए। वो आने वाले स्टेशन में सूचना देकर सांप पकड़ने की व्यवस्था कराएंगे।

