लोकसभा चुनावों में इन 8 सीटों पर किन पार्टियों का रहा दबदबा
UP Lok Sabha Election 2024 : राष्ट्र में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है. जैसे-जैसे चुनाव की तारीख निकट आ रही है, वैसे-वैसे सियासी पार्टियों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. पहले चरण की वोटिंग के लिए दो हफ्ते से कम समय बचे हैं. इस समय दलों की निगाहें उत्तर प्रदेश की उन आठ सीटों पर टिकी हैं, जहां 19 अप्रैल को मतदान होना है. कभी इन सीटों पर बीजेपी का कांग्रेस पार्टी जैसा हाल रहा था. आइए जानते हैं कि पिछले तीन लोकसभा चुनावों में इन 8 सीटों पर किन पार्टियों का रहा दबदबा.

यूपी में सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत सीटों पर सियासी सरगर्मियां तेज हैं. वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव की बात करें तो इन आठ सीटों में आधे पर बीजेपी का कब्जा है तो आधे में बाकी पार्टियां हैं. वर्तमान में बीजेपी के कब्जे में 4 सीटें हैं, जबकि बीएसपी के 3 और समाजवादी पार्टी के एक सांसद हैं. उपचुनाव में बीजेपी ने आजम खान के गढ़ में सेंध लगाई और भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने रामपुर में जीत हासिल की थी.
2019 में कांग्रेस-आरएलडी का नहीं खुला था खाता
साल 2019 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी और आरएलडी का खाता तक नहीं खुला था. बीएसपी और समाजवादी पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था, जिससे लाभ गठबंधन मिला था. साथ ही आरएलडी का भी सपोर्ट था. इस बार समीकरण बिल्कुल विपरीत है. इन सभी आठ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा, क्योंकि बीएसपी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार दिए हैं.
2014 में बीजेपी ने किया था क्लीन स्वीप
अगर 2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया था. बीजेपी ने सभी आठ सीटों पर जीत हासिल की थी. उस समय उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से 73 पर भाजपा का कब्जा था. उस समय किसी पार्टी का खाता नहीं खुला था.
2009 में बीजेपी को एक सीट पर करना पड़ा था संतोष
2009 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो 8 सीटों में से सबसे अधिक सीटें बीएसपी ने हासिल की थीं. दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी थी. बीएसपी को 3 सीटों और समाजवादी पार्टी को 2 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस, बीजेपी और रालोद को एक-एक सीट पर संतोष करना पड़ा था. इस चुनाव में बीजेपी का हाल कांग्रेस पार्टी जैसा रहा था.
इस बार चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होगा
इस बार यूपी में महागठबंधन के अनुसार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रही है, जबकि बीजेपी के साथ रालोद है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद की अच्छी पकड़ है. ऐसे में रालोद के सहारे बीजेपी इन आठ सीटों पर एक बार फिर कब्जा करना चाहती है. वहीं, बीएसपी अकेले चुनाव लड़ रही है. यदि प्रत्याशियों पर नजर डालें तो बीएसपी सभी 8 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. एनडीए के अनुसार बीजेपी ने 7 सीट और रालोद ने एक सीट पर दांव लगाया है. महागठबंधन के अनुसार कांग्रेस पार्टी के पाले में एक और समाजवादी पार्टी के पाले में 7 सीटें आई हैं. अब देखना है कि जनता किस पार्टी को अपना बहुमत देगी.

