मोदी कैबिनेट में राजस्थान से कौन-कौन दिग्गज होंगे शामिल…
जयपुर। एनडीए के नेता चुने गए नरेन्द्र मोदी आज तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेंगे। मोदी मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा इसको लेकर कयासों का दौर चल रहा है। मोदी कैबिनेट में राजस्थान से पिछली बार चार मंत्री थे। वहीं लोकसभा अध्यक्ष जैसा अहम पद भी राजस्थान की झोली में था। गत बार भाजपा ने लगातार दूसरी बार सभी 25 सीटों पर जीत का परचम लहराया था। लेकिन इस बार वह 14 सीटों पर ही सिमट गई है। इसको देखते हुए बताया जा रहा है कि मोदी की नयी ड्रीम टीम में राजस्थान को पहले के मुकाबले कम स्थान मिलेगी।

बीजेपी सूत्रों के अनुसार अनेक परिस्थितियों के बावजूद राजस्थान से इस बार भी दो से तीन सांसदों के मंत्री बनने की प्रबल संभावनाएं हैं। राजस्थान के आधा दर्जन सांसदों को मंत्री पद की दौड़ में शामिल बताया जा रहा है लेकिन दो- तीन में किसका नंबर आएगा इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राजस्थान में इस बार भाजपा का प्रदर्शन पिछले दो लोकसभा चुनावों के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। लिहाजा इस बार राजस्थान का कोटा घट सकता है। दूसरी तरफ भाजपा की सीटों का आंकड़ा देखते हुए एनडीए के अन्य सहयोगियों के खाते में मंत्री पद अधिक जाने की आसार है।
बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल
बीकानेर से लगातार चौथी बार सांसद चुने गए अर्जुनराम मेघवाल मंत्री पद की दौड़ में पहले नंबर पर माने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उनको कॉल आया है। मेघवाल भाजपा का न सिर्फ़ राजस्थान बल्कि राष्ट्र में बड़ा दलित चेहरा है। भाजपा ने उनको पिछली बार कानून मंत्री का स्वतंत्र प्रभार देकर दलित वर्ग को मैसेज देने का काम भी किया था। मेघवाल सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। लिहाजा सरकारी योजनाओं को अमली जामा कैसे पहनाया जा सकता है इसे वे भली–भाँति जानते हैं। वे लगातार दस वर्ष से मोदी कैबिनेट के सदस्य रहे हैं।
अलवर सांसद भूपेन्द्र यादव
अलवर से सांसद चुने गए भूपेन्द्र यादव भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व के काफी करीबी माने जाते हैं। वे मोदी कैबिनेट में पिछली बार भी राजस्थान से राज्यसभा सांसद रहते हुए कैबिनेट मंत्री थे। पार्टी के बेहतर रणनीतिकारों में शुमार यादव की गिनती अमित शाह के करीबियों में होती है। यादव के पास पहले भी संगठन की बड़ी जिम्मेदारियां रह चुकी हैं। अजमेर के रहने वाले यादव को पार्टी ने यादव पट्टी अलवर से चुनाव में उतारकर नए समीकरण बनाए हैं।
जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत
जोधपुर से जीत की हैट्रिक लगाने वाले गजेन्द्र सिंह शेखावत भी बीते करीब साढ़े सात वर्ष से मंत्री हैं। मोदी के पहले कार्यकाल में ढाई वर्ष बाद वे राज्यमंत्री बने थे। उनको कृषि मंत्रालय दिया गया था। उसके बाद मोदी के दूसरे कार्यकाल में वे पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाए गए और उनको जलशक्ति मंत्रालय जैसा भारी भरकम विभाग दिया गया था। शेखावत ने गत बार जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराया था। संघ पृष्ठभूमि के शेखावत को भी केन्द्रीय नेतृत्व का नजदीकी माना जाता है।
कोटा सांसद ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर रहे ओम बिरला ने भी कोटा से जीत की हैट्रिक लगाई है। उनका कार्यकाल बहुत बहुत बढ़िया रहा है। वे तीन बार कोटा दक्षिण से विधायक भी रह चुके हैं। राजनीति के माहिर खिलाड़ी बिरला वैश्य वर्ग से आते हैं। राजस्थान भाजपा में वे इस वर्ग का सबसे बड़ा चेहरा हैं। उनका पार्टी के सभी से समन्वय बेजोड़ हैं। वर्तमान में हालात में भाजपा उन्हें मौका देती या नहीं यह बात दीगर है लेकिन वे मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं।
झालावाड़ सांसद दुष्यंत सिंह
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह झालावाड़ा-बारां सीट से लगातार पांचवी बार सांसद चुने गए हैं। इस लिहजा से वे राजस्थान के सबसे वरिष्ठ सांसद हैं। दुष्यंत से पहले पांच बार वहां से राजे स्वयं सांसद रह चुकी हैं। इस बार भी सिंह लाखों वोटों से जीते हैं। उन्हें भी मंत्रिमंडल की दौड़ में शुमार कहा जा रहा है।
चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी
राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी मेवाड़ क्षेत्र की चित्तौड़गढ़ सीट से लगातार तीन बार जीतकर हैट्रिक बना चुके हैं। जोशी को विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश भाजपा की बागडोर सौंपी गई थी। उसके बाद इस बार पार्टी सत्ता में लौटी है। पूर्व में भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके जोशी को संगठन का भरोसेमंद माना जाता है। राजस्थान में जब भाजपा सत्ता में लौटी थी तब एक बार उनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चा भी खासा चली थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब उनकी बतौर सांसद जीत की हैट्रिक के बाद वे मंत्री पद की रेस में शामिल हैं।

