महिला आरक्षण विधेयक बिल को 2024 से क्यों नहीं किया जा रहा लागू …
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी (Congress) ने मंगलवार को लोकसभा में पेश स्त्री आरक्षण से संबंधित विधेयक (Women Reservation Bill) को ‘चुनावी जुमला’ करार दिया है ।पार्टी ने बोला कि स्त्रियों के साथ विश्वासघात हुआ है, क्योंकि विधेयक में बोला गया है कि ताजा जनगणना और परिसीमन के बाद यह 2029 से लागू होगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि गवर्नमेंट का यह कदम ‘ईवीएम (इवेंट मैनेजमेंट)’ है। उन्होंने इल्जाम लगाया कि गवर्नमेंट 2021 की जनगणना कराने में विफल रही है।

सरकार ने संसद के निचले सदन, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में स्त्रियों को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ को मंगलवार को लोकसभा में पेश किया।
यह सिर्फ़ एक चुनावी जुमला
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, “यदि पीएम की स्त्री सशक्तीकरण को अहमियत देने की कोई असली मंशा होती, तो स्त्री आरक्षण विधेयक बिना किसी किंतु-परंतु और अन्य सभी शर्तों के तुरंत लागू कर दिया गया होता। उनके और बीजेपी के लिए, यह सिर्फ़ एक चुनावी जुमला है जो कुछ भी ठोस नहीं देता है।”
If the पीएम had any real intention to prioritise women empowerment, the Women’s Reservation Bill would have been implemented immediately without the ifs and buts and all other conditions. For him and the BJP, this is only an election jumla that delivers nothing concrete.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 19, 2023
जी20 में भारत एकमात्र राष्ट्र जो जनगणना कराने में विफल रहा
इससे पहले किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘‘चुनावी जुमलों के इस मौसम में यह सभी जुमलों में सबसे बड़ा है! करोड़ों भारतीय स्त्रियों और युवतियों की उम्मीदों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। जैसा कि हमने पहले कहा था, मोदी गवर्नमेंट ने अभी तक 2021 की दशकीय जनगणना नहीं कराई है, जिससे हिंदुस्तान जी20 में एकमात्र राष्ट्र बन गया है जो जनगणना कराने में विफल रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘अब इसमें बोला गया है कि स्त्री आरक्षण विधेयक के अधिनियम बनने के बाद पहली दशकीय जनगणना के पश्चात ही स्त्रियों के लिए आरक्षण लागू होगा। रमेश ने प्रश्न किया कि यह जनगणना कब होगी?”
यह कुछ और नहीं बल्कि ईवीएम-इवेंट मैनेजमेंट
उनके मुताबिक, ‘‘विधेयक में यह भी बोला गया है कि आरक्षण अगली जनगणना के प्रकाशन और उसके बाद परिसीमन प्रक्रिया के बाद ही कारगर होगा। क्या 2024 चुनाव से पहले होगी जनगणना और परिसीमन?” कांग्रेस पार्टी नेता ने इल्जाम लगाया, ‘‘मूल रूप से यह विधेयक अपने कार्यान्वयन की तारीख के बहुत अस्पष्ट वादे के साथ आज सुर्खियों में है। यह कुछ और नहीं बल्कि ईवीएम-इवेंट मैनेजमेंट है।
बिल को 2024 से क्यों लागू क्यों नहीं किया जा रहा?
इसे पहले, स्त्री आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन बिल) को लेकर लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने बोला कि यह बिल स्त्रियों के साथ विश्वासघात है। सरकार इसे 2029 से लागू करने की बात कर रही है। इसे 2024 से क्यों लागू क्यों नहीं किया जा रहा?

