दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे कैदी जितेंद्र रवानी ने क्यों उठाया ऐसा खौफनाक कदम…
धनबाद मंडल कारा से एक सनसनीखेज घटना सामने आई. नाबालिग से बलात्कार के मुद्दे में सजा काट रहे कैदी जितेंद्र रवानी ने खुदकुशी का कोशिश किया. कारावास प्रशासन ने तुरंत उसे एसएनएमएमसीएच धनबाद में भर्ती कराया. जहां उसका उपचार जारी है. फिलहाल प्रशासन की ओर से आ

22 वर्ष की सजा काट रहा था कैदी
जितेंद्र रवानी को न्यायालय ने नाबालिग से बलात्कार और उसे गर्भवती करने के मुद्दे में गुनेहगार करार देते हुए 22 वर्ष की सजा सुनाई थी. वह पिछले एक वर्ष से धनबाद कारावास में बंद था. परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र का उस नाबालिग महिला से प्रेम संबंध था, लेकिन बाद में मुद्दा बलात्कार का बन गया और न्यायालय ने कड़ी सजा दे दी.
कैदी की मां ने कहा कि देर रात कारावास प्रशासन की ओर से टेलीफोन आया कि उनका बेटा हॉस्पिटल में भर्ती है. जब परिजन एसएनएमएमसीएच पहुंचे तो उन्हें पता चला कि जितेंद्र ने कारावास में खुदकुशी का कोशिश किया था. मां का बोलना है कि बेटे को इन्साफ नहीं मिला, इसलिए उसने यह कदम उठाया.
हाथ पर लिखा सुसाइड नोट
परिवार ने दावा किया है कि खुदकुशी का कोशिश करने से पहले जितेंद्र ने अपने हाथ पर पेन से कुछ लाइनें लिखी थीं. उसमें उसने इस कदम के लिए नाबालिग महिला और उसके पिता को उत्तरदायी ठहराया है. परिवार का इल्जाम है कि कारावास में उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया और उसे अपनी बात रखने का मौका भी नहीं मिला.
फिलहाल कैदी का उपचार एसएनएमएमसीएच धनबाद में चल रहा है. डॉक्टरों ने उसकी स्थिति पर नज़र रखी है. उधर, कारावास प्रशासन मुद्दे पर खामोशी साधे हुए है. घटना के बाद परिजनों और कारावास प्रबंधन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है.
सवालों के घेरे में कारावास प्रशासन
कैदी द्वारा खुदकुशी का कोशिश किए जाने के बाद कारावास सुरक्षा प्रबंध पर भी प्रश्न उठने लगे हैं. परिवार का बोलना है कि यदि कैदी को मानसिक और कानूनी सहारा दिया जाता तो वह यह कदम नहीं उठाता.

