TMC सांसद ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में जुड़ने से पीछे क्यों लिए कदम, जानें कारण…
तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने बोला कि वह स्वास्थ्य कारणों से ऑपरेशन सिंदूर के बाद विभिन्न राष्ट्रों में भेजे जा रहे गवर्नमेंट के राजनयिक संपर्क प्रतिनिधिमंडलों में शामिल नहीं हो पाएंगे. गवर्नमेंट ने घोषणा की है कि वह पहलगाम आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस के हिंदुस्तान के संदेश को पहुंचाने के लिए इस महीने के अंत में संयुक्त देश सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार राष्ट्रों में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी.

बंद्योपाध्याय ने कहा कि उन्हें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विदेश मंत्रालय से टेलीफोन आया था और उन्हें अमेरिका जाने के लिए बोला गया था, लेकिन उन्होंने उन्हें कहा कि स्वास्थ्य कारणों से वह नहीं जा पाएंगे. संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बोला गया है, “सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए हिंदुस्तान की राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को सामने रखेगा. वे दुनिया को आतंकवाद के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता के राष्ट्र के मजबूत संदेश को आगे बढ़ाएंगे.”
सरकार ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले नेताओं का सावधानीपूर्वक चयन किया है, क्योंकि वे सियासी विभाजन से परे दलों से आते हैं और उन्हें मुखर आवाज़ माना जाता है. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, कांग्रेस पार्टी सांसद शशि थरूर, जेडी(यू) सांसद संजय झा, डीएमके की कनिमोझी, एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना के श्रीकांत शिंदे एक-एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. मंत्रालय के बयान में बोला गया है कि प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में प्रतिष्ठित राजनयिक शामिल होंगे.

