क्या, महाराष्ट्र में काम करेगी पवार परिवार की सियासत…
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार को आएंगे, लेकिन चुनाव नतीजे आने से पहले ही महाराष्ट्र में नयी गवर्नमेंट के गठन को लेकर राजनीतिक गुणा-भाग की राजनीति तेज हो गई है. महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति में इस बार सबकी निगाहें पवार परिवार पर टिकी हुई है. इसकी वजह सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में पवार परिवार का सबसे अहम होना है. यहीं कारण है कि महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषक मान रहे है कि इस बार महाराष्ट्र में पवार परिवार किंगमेकर की किरदार में नजर आ सकते है.

शरद पावर का सबसे अहम रोल-1960 से महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति में एक्टिव शरद पवार इस बार अपने राजनीतिक यात्रा की सबसे टफ लडाई लड़ रहे है. विधानसभा चुनाव में शरद पवार की पूरी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. महाराष्ट्र में विपक्षी गठंधन महाविकास अघाड़ी के शिल्पकार शरद पवार की पार्टी राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से 86 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वोटिंग के बाद महाराष्ट्र को लेकर आए एग्जिट पोल शरद पवार की पार्टी को 35-45 सीटें मिलने का अनुमान जता रहे है.
अगर चुनाव रिज़ल्ट एग्जिट पोल के अनुसार हुए तो महाराष्ट्र की राजनीति में सात दशकों से पॉवर सेंटर के रूप में स्थापित 84 वर्ष के शरद पवार की किरदार बहुत अहम होने जा रही है. वहीं शरद पवार ने चुनाव प्रचार के दौरान एक्टिव चुनावी राजनीति से संन्यास के संकेत दे दिए है. दअसल भतीजे अजित पवार के हाथों अपनी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को गंवाने के बाद अब इस बार शरद पवार की साख स्वयं दांव पर लगी हुई है. यदि विधानसभा चुनाव में भी शरद पवार लोकसभा चुनाव जैसा करिश्मा कर पाते है तो वह एक तीर से ही कई निशाने साध लेंगे.
वहीं चुनाव प्रचार के दौरान शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को सीएम बनाने की ख़्वाहिश भी जाहिर कर चुके है. शरद पवार ने बोला कि महाराष्ट्र में हर बार यह चर्चा होती है कि पहली स्त्री सीएम कब मिलेगी? महाराष्ट्र ने हमारे शासन के दौरान स्त्रियों को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला लिया. इसके बाद ही पूरे राष्ट्र में स्त्री आरक्षण लागू किया गया. आज ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा तक स्त्रियों की भागीदारी बढ़ी है, अब मैं महाराष्ट्र में एक स्त्री सीएम बनते हुए देखना चाहता हूं. शरद पवार के इस बयान को सियासी विश्लेषक बेटी सुप्रिया सुले का नाम मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में आगे करने के दांव के साथ स्त्री वोट बैंकं को साधने की कवायद के रुप में देख रहे है.
अजित पवार बनेंगे किंगमेकर?- वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सबकी निगाहें अजित पवार पर टिकी हुई है. महायुति गठबंधन में चुनाव लड़ रही अजित पवार की पार्टी एनसीपी राज्य की 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल अजित पवार की पार्टी को 20 से 25 सीटें मिलने का अनुमान जता रहे है. ऐसे में नयी गवर्नमेंट क गठन में अजित पवार का रोल अहम हो सकता है. वहीं चुनाव नतीजे आने से पहले अजित पवार की की पार्टी के नेता अमोल मितकारी ने नतीजे जो भी हों, एनसीपी किंगमेकर होगी.
चुनाव के दौरान जिस तरह से अजित पवार ने बीजेपी से दूरी बनाई वह राजनीतिक गलियों में चर्चा में है. अजित पवार बीजेपी के बटेंगे तो कटेंगे नारे से दूरी बनाने के साथ बीजेपी के बड़े नेताओं की सभाओं से भी दूरी बनाई जो उनके बदलते रूख की ओर साफ इशारा है. ऐसे में क्या अजित पवार चुनाव नतीजों के बाद फिर अपना रूख बदलेंगे, यह भी बड़ा प्रश्न है.
महाराष्ट्र की राजनीति में कई बार गवर्नमेंट बनाने और बिगाड़ने में अहम रोल निभा चुका पवार परिवार की पॉलिटिक्स पर इस समय सबकी नजर है. इसकी वजह पहली बार दो गुटों में बंट कर चुनाव लड़ रहा पवार परिवार का आमने सामने के दो गठबंधनों में चुनाव लड़ना है. ऐसे में चुनाव रिज़ल्ट आने के बाद क्या पवार परिवार किंगमेकर बनेगा, यह देखना दिलचस्प होगा.

