मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नवागढ़ की लिखित रिपोर्ट और नांदघाट थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तीनों दोषियों क्रमश: नीरा साहू, नारायण साहू और ईश्वरी साहू को तुरन्त असर से सेवा से हटा दिये गये हैं. कलेक्टर बेमेतरा ने आदेश जारी कर दिये हैं.
घटना की जानकारी एक वायरल ऑडियो क्लिप के माध्यम से सामने आई थी, जिसमें ग्राम पंचायत ऐरमशाही की आवास मित्र नीरा साहू ने पीएम आवास की किस्त जारी करने के एवज में 25 हजार रूपये की घूस मांगने की बात साफ रूप से सामने आई. तहसीलदार की जांच में नीरा साहू ने स्वयं ऑडियो में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की है.
इसी प्रकरण में नारायण साहू, जो ग्राम पंचायत तेंदुआ में रोजगार सहायक है ने हितग्राहियों को धमकाते हुए 10 हजार रुपये की मांग किए जाने के प्रमाण मिले हैं. वहीं उनकी पत्नी ईश्वरी साहू, जो ग्राम पंचायत ऐरमशाही में रोजगार सहायक के रूप में पदस्थ थीं, उन पर भी हितग्राहियों से डराकर पैसे मांगने के गंभीर इल्जाम ग्रामीणों ने लगाए गए हैं.
मामले में नांदघाट थाना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराएँ 308(2) और 3(5) के अनुसार एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की वकायदा विवेचना प्रारंभ कर दी गई है. सीएम विष्णु देव साय ने इस कार्रवाई को सुशासन तिहार के मूल उद्देश्य का प्रमाण कहा है. उन्होंने बोला कि जनकल्याणकारी योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन में पारदर्शिता, ज़िम्मेदारी और ईमानदारी सर्वोपरि है. किसी भी स्तर पर करप्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने बोला कि प्रदेश गवर्नमेंट यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आमजन के अधिकारों का दुरुपयोग न करे, और यदि करता है तो उसे तुरन्त विधिसम्मत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. सीएम ने बोला कि करप्शन के विरुद्ध यह केवल कार्रवाई नहीं, सुशासन का संकल्प है.