राष्ट्रीय
राष्ट्रीय मुद्दा बन चुकी है जुबीन गर्ग की मौत, राहुल ने लगाई न्याय की गुहार
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्टी सांसद राहुल गांधी ने असम के कामरूप जिले में गायक जुबीन गर्ग की समाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद राहुल गांधी ने बोला कि मैंने परिवार से बोला कि मैं बेहतर परिस्थितियों और खुशहाल परिस्थितियों में आना पसंद करता. जब मैं 17 वर्ष का था, तब मैं सिक्किम में पर्वतारोहण का कोर्स करने गया था. और प्रत्येक दिन जब हम प्रशिक्षण के लिए जाते थे, तो मैं अपने सामने कंचनजंगा पर्वत को देखता था. और मुझे उस पर्वत की सबसे अच्छी बात यह लगी कि वह ईमानदार, पारदर्शी, अडिग और सुंदर था.
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राहुल गांधी ने आगे बोला कि आज, जब मैं आ रहा था, गौरव ने कहा कि ज़ुबीन जी ने बोला था कि वह कंचनजंगा हैं, और मुझे तुरंत एहसास हुआ कि वह कंचनजंगा ही हैं क्योंकि उनमें कंचनजंगा के गुण थे… यह एक त्रासदी है जिसका सामना पूरे राज्य ने किया है. मैंने परिवार से बात की, और उन्होंने मुझसे बस एक ही बात कही: हमने अपने ज़ुबीन को खो दिया है और हम बस यही चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए… गवर्नमेंट का कर्तव्य है कि जो कुछ हुआ है उसकी तुरंत जाँच करे, पारदर्शी ढंग से जाँच करे, और परिवार को बताए कि सिंगापुर में क्या हुआ था.
यह पूछे जाने पर कि क्या वह दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के लिए हिंदुस्तान रत्न की मांग करेंगे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “मैं विषय से भटकना नहीं चाहता. मैं चर्चा को संवेदना व्यक्त करने और असम के लोगों को यह बताने से नहीं भटकाना चाहता कि हम जुबीन गर्ग से प्यार करते हैं. हम उन्हें सम्मान देना चाहते हैं. लेकिन सबसे पहले, हम पारदर्शिता और इन्साफ चाहते हैं. सिंगापुर में जो हुआ, असम में हर किसी को यह पता होना चाहिए. और यह जितनी शीघ्र हो, उतना ही बेहतर है.“