पलेस्टाइन का विरोध करना साउथ अफ्रीकी कप्तान को पड़ा भारी
साउथ अफ्रीका क्रिकेट हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर विवादों से घिरा रहा है. पहले भी कई मौकों पर खिलाड़ियों और टीम को कई मुद्दों को लेकर सस्पेंशन तक का सामना करना पड़ा है. अब एक बार फिर से साउथ अफ्रीका क्रिकेट में ऐसा ही कुछ देखने को मिला है, लेकिन इस बार सीनियर टीम नहीं बल्कि अंडर 19 टीम के एक खिलाड़ी पर एक्शन लिया गया है. दरअसल 18 वर्ष के इजराइल समर्थक खिलाड़ी के संबंध में संभावित विरोध प्रदर्शन और अत्याचार के खतरे के मद्देनजर साउथ अफ्रीका ने एहतियाती कदम उठाते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप प्रारम्भ होने से एक हफ्ते पहले कप्तान डेविड टीगर को उनके पद से हटा दिया है.
साल 2023 में एक भाषण के दौरान टीगर, जोकि एक यहूदी हैं उन्होंने इजराइल-फिलिस्तीन में चल रहे संघर्ष के बीच अपना राइजिंग स्टार पुरस्कार इजरायली सैनिकों को समर्पित किया. तब से, टीगर के रुख को अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली है.
साउथ अफ्रीका बोर्ड ने कही ये बात
क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने बोला कि जैसा कि ऐसे सभी आयोजनों में होता है, क्रिकेट साउथ अफ्रीका को वर्ल्ड कप के संबंध में नियमित सुरक्षा और जोखिम संबंधी अपडेट मिलते रहे हैं. हमें राय दी गई है कि गाजा में युद्ध से संबंधित विरोध प्रदर्शन मैचों के वेन्यू पर हो सकते हैं. हमें यह भी राय दी गई है कि वे साउथ अफ्रीका के अंडर -19 कप्तान, डेविड टीगर की कप्तानी पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, और एक जोखिम है कि कि अत्याचार भी हो सकती है.
टीम और फैंस की सुरक्षा के कारण लिया गया फैसला
बयान में आगे बोला गया, वर्ल्ड कप में शामिल सभी लोगों के हितों और सुरक्षा की रक्षा करना सीएसए का प्राथमिक कर्तव्य है. खिलाड़ियों और फैंस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साउथ अफ्रीका अंडर 19 टीम के कप्तान को उनके पद से हटा दिया गया है. सीएसए ने यह भी कहा कि नए कप्तान की घोषणा समय पर की जाएगी लेकिन टीगर कप्तानी से हटाए जाने के बावजूद टीम का अभिन्न अंग बने रहेंगे. हालांकि, इस समय, सीएसए के अनुसार, टीगर और टीम के भलाई में यह सबसे अच्छा फैसला था. जबकि स्टेडियम के बाहर विरोध प्रदर्शन सिर्फ़ एक ऐसी घटना थी, सीएसए को आशा है कि आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन कई गुना बढ़ जाएगा.

