स्पोर्ट्स

मयंक यादव ने अपनी तेज गेंदबाजी और फिटनेस का बताया राज

लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज मयंक यादव अपने आईपीएल डेब्यू में पेस के कारण चर्चा में आए. पंजाब किंग्स के विरुद्ध पहले मैच में 155.6 किलोमीटर प्रति घंटा (KMPH) सीजन की सबसे फास्ट बॉल थी, जिसे उन्होंने ही दूसरे मुकाबले में RCB के विरुद्ध 156.7 की गति के साथ तोड़ दिया.Newsexpress24. Com download 11zon 2024 04 04t171558. 808

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मयंक यादव ने यूट्यूब पर सेकंड इनिंग्स विथ मंजोत के एक एपिसोड में अपनी तेज गेंदबाजी और फिटनेस का राज बताया. यादव ने कहा, भारतीय फास्ट बॉलर्स की बिल्ड बड़ी नहीं होती, जबकि विदेशी बॉलर्स की बिल्ड बेहतर होती है और इस कारण उनका पेस आता है. भारतीय प्लेयर्स का पेस बेहतरीन तकनीक से आता है, आपको फास्ट बॉल फेंकने के लिए रनअप, रिस्ट पोजीशन और रिस्ट फ्लिक पर बहुत ध्यान देना होगा. वहीं, फिटनेस का में डाइट और जिम के अतिरिक्त सबसे महत्वपूर्ण नींद है. बेहतर नींद से फिटनेस पर सबसे अधिक असर पड़ता है.

यॉर्कर और बाउंसर के अतिरिक्त कोई बॉल नहीं आती थी – मयंक
मयंक ने कहा कि उनके प्रोफेशनल करियर की आरंभ अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी से हुई, इसके लिए उन्होंने दसवीं क्लास से नाम कटवा लिया था. मयंक ने इस दौरान 4 मैच खेले और कुल 19 विकेट लिए. आरंभ में मयंक केवल 2 बॉल डालते थे, यॉर्कर या बाउंसर. इस कारण उन्हें कूच बिहार के मुकाबलों में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा.

मयंक ने कहा कि, पहले मुकाबले के पहले स्पैल की आरंभ में मैने यॉर्कर और बाउंसर फेंकी. मुझे नहीं पता था कि लेंथ बॉल कैसे फेंकते है. बैटर बाउंसर को मिस कर रहे थे, वहीं,लेंथ बॉल को भी अच्छे से खेल रहे थे. दूसरा मैच बेहतर रहा, मैने लेंथ बॉल फेंकी और विकेट मिलते चले गए.

सर्विसेज से ऑफर आया, पेपरवर्क के दौरान भाग गया – मयंक
मयंक बोले, कूच बिहार के बाद मुझे रणजी का कॉल आया. मैं नर्वस था, मैने रणजी का ट्रायल दिया और वह बढ़िया रहा. हालांकि, इसके बाद कोविड आ गया. मेरा दिल्ली टीम में सिलेक्शन नहीं हुआ. मुझे सर्विसेज से ट्रायल के लिए कॉल आया. मैने ट्रायल दिया और उन्होंने मुझे नौकरी भी ऑफर भी मिला, जिसे मैं नहीं करना चाहता था. मेरा सर्विसेज में सिलेक्शन हो गया, लेकिन मैं पेपरवर्क के दौरान वहां से भाग आया.

दिल्ली की ओर से मुझे सबसे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मौका मिला. यहां से मेरा विजय हजारे ट्रॉफी में भी नाम आया, जहां पहले दो मैचों में ही 6 विकेट ले लिए. आखिरकार दिल्ली की ओर से रणजी खेलने का मौका मिला.

सात आईपीएल टीमों के ट्रायल दिया, ऑक्शन के पहले राउंड में अनसोल्ड रहे
मयंक बोले, दिल्ली से खेलने के बाद मैने 7 आईपीएल टीमों के लिए ट्रायल दिया. मेरे दिए सभी ट्रायल अच्छे थे, लेकिन बेस्ट CSK और DC के ट्रायल रहे. मैने टी-20 की डिमांड को पूरा किया.

ऑक्शन लिस्ट में मेरा नाम बाद में आया, मुझे लगा कि इन दोनों टीमों में से कोई शामिल करेगा. नाम आते ही मुझे किसी ने पिक नहीं किया और मैं अनसोल्ड रहा. ऑक्शन के सेकंड राउंड में फिर नाम आया और मुझे सिलेक्ट कर लिया गया. पहले राउंड के बाद इतना निराश था कि, दूसरा राउंड ठीक से देखा ही नही. मुझे 1 घंटे तक यही नहीं पता चला कि किस टीम ने सिलेक्ट किया.

 

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