मैच के बाद रोहित ने केपटाउन की पिच को लेकर उठाए ये बड़े सवाल
भारत ने साउथ अफ्रीका के विरुद्ध केप टाउन टेस्ट 7 विकेट से जीतकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. यह मैच दो दिन के अंदर समाप्त हो गया. केप टाउन की पिच को लेकर प्रश्न उठाए जा रहे हैं.

वहीं भारतीय कप्तान रोहित शर्मा भी केपटाउन की पिच से नाखुश दिखे. रोहित ने ICC और मैच रेफरी के रैवये पर प्रश्न उठाए हैं. उन्होंने ICC और मैच रेफरी को पिचों की रेटिंग के मुद्दे में दोहरे मापदंड के लिए उत्तरदायी ठहराया है. साथ ही उन्होंने हिंदुस्तान की स्पिन पिचों की आलोचना करने वालों को भी आड़े हाथों लिया.
मैच के बाद रोहित ने कहा,’केपटाउन की पिच टेस्ट मैच के लिए आदर्श नहीं थी. जब तक भारतीय पिचों के बारे में कोई कम्पलेन नहीं करता, तब तक मुझे इस तरह की पिचों पर खेलने में कोई विरोध नहीं है. हिंदुस्तान में टर्निंग ट्रैक की निंदा की जाती है. यहां तक कि वर्ल्ड फाइनल की पिच पर भी प्रश्न उठाए गए थे. ICC को इस पर गौर करना चाहिए.
वर्ल्ड कप फाइनल पिच को औसत दर्जा देने से खुश नहीं है रोहित
रोहित ने आगे कहा, ‘वर्ल्ड कप फाइनल की पिच को औसत रेटिंग दी गई. उस मैच में एक खिलाड़ी ने शतक बनाया था. मैं आश्चर्य चकित हूं कि अहमदाबाद की पिच को किस पैमाने के आधार पर रेटिंग किया गया(
मैं मैच रेफरी से आग्रह करता हूं कि वहां (पिच पर) क्या है उसे देखकर रेंटिंग करें. किसी राष्ट्र को देख कर पिच की रेटिंग की जानी चाहिए. रेटिंग के लिए एक पैमाना होना चाहिए और मैच रेफरी को न्यूट्रल हो कर उस पैमाने पर पिच का आंकलन करना चाहिए. हिंदुस्तान में पहले दिन ही आप धूल के गुबार की बात करते हैं’, यहां भी दरारें थीं.
पिछले वर्ष वर्ल्ड कप के दौरान 19 दिसंबर को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मैच से पहले भारतीय चीफ कोच राहुल द्रविड़ पिच को देखते हुए.
पिछले वर्ष वर्ल्ड कप के दौरान 19 दिसंबर को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने भी पिच को लेकर प्रश्न उठाए थे.
इस तरह की पिचों पर खेलने की चुनौती को स्वीकार करते हैं
रोहित ने बोला कि ऐसा नहीं है कि वह इस तरह की पिचों (केपटाउन) पर खेलने की चुनौती को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. टेस्ट क्रिकेट में आप कहीं आते हैं तो स्वयं को चुनौती देने के लिए ही आते हैं. जब हमारे सामने ऐसी चुनौती आती है, तो आप आते हैं और उसका सामना करते हैं. हिंदुस्तान में भी ऐसा ही होता है, लेकिन, हिंदुस्तान में पहले ही दिन यदि पिच टर्न लेना प्रारम्भ कर देती है, तो लोग ‘धूल का झोंका! धूल का गुबार’ के बारे में बात करना प्रारम्भ कर देते हैं. धूल!’ यहां पिच पर बहुत अधिक दरार है. लेकिन, लोग उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.”
107 ओवर में ही समाप्त हो गया मैच
केपटाउन टेस्ट 107 ओवर्स में समाप्त हो गया. पिच पर पहले दिन से ही फार्स्ट बॉलर्स को सहायता मिल रही थी. बैर्ट्स रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए. फास्ट बॉलर्स ने 32 विकेट चटकाए. वहीं एक खिलाड़ी रन आउट रवींद्र जडेजा और केशव महाराज को तो गेंदबाजी करने का भी मौका नहीं मिला. मुकाबले के दूसरे दिन (4 जनवरी) टीम इण्डिया ने 79 रनों के टारगेट को 12 ओवर में हासिल कर लिया
रोहित ने टीम की प्रशंसा की
रोहित ने दूसरे टेस्ट में जीत पर टीम की प्रशंसा की और बोला कि हमने बहुत अच्छी वापसी की. हमारे गेंदबबाजों ने दूसरे टेस्ट में अच्छी गेंदबाजी की और मैच पर हिंदुस्तान की पकड़ बनाई. सिराज, बुमराह, मुकेश और मशहूर को क्रेडिट देना चाहूंगा. कुछ प्लानिंग की गई और उसका पुरस्कार हमें मिला. हमने स्वयं को परिस्थितियों के अनुरूप ढाला. हमने अच्छी बल्लेबाजी की और लगभग 100 रनों की लीड ली. अंतिम छह विकेट जैसे गिरे, वह देखकर अच्छा नहीं लगा.
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट डेढ़ दिन में ही समाप्त हो गया. 2 टीमें 4 पारियां खेलकर भी 107 ओवर ही बैटिंग कर सकीं. मुकाबले में 642 गेंदें फेंकी गईं, जो 147 वर्ष के टेस्ट इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. इससे पहले किसी भी टेस्ट का नतीजा इतनी कम गेंदों में नहीं आया था.

