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IPL 2025 के बीच ही पैदा हो गई ये बुरी स्थिति, किसने कही इन दो दिग्गजों को बैन करने की बात…

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के बीच एक नया टकराव खड़ा हो गया है. इस सीजन की आरंभ में कुछ टीमों के कप्तानों और कोचों ने अपने घरेलू मैदान की पिच को लेकर प्रश्न उठाए थे. इसमें कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे का नाम भी शामिल था. जिसके बाद कई पूर्व क्रिकेटरों और कमेंटेटरों ने इस मामले पर अपने विचार व्यक्त किए. लेकिन अब उनके मुखर बयानों की दोनों दिग्गजों को भारी मूल्य चुकानी पड़ रही है. दरअसल, बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर मांग की है कि इन दोनों दिग्गजों को ईडन गार्डन्स में होने वाले मैचों में कमेंट्री करने की अनुमति न दी जाए.

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आईपीएल के बीच उठी दो दिग्गजों पर प्रतिबंध लगाने की मांग
आईपीएल 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला सोमवार को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला जाएगा. इससे पहले प्रसिद्ध कमेंटेटर हर्षा भोगले और साइमन डौल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंगाल क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई से मांग की है कि इन दोनों कमेंटेटरों को ईडन गार्डन्स में कमेंट्री करने से रोका जाए. दरअसल, पिच टकराव पर इन दोनों दिग्गजों ने सुझाव दिया था कि कोलकाता नाइट राइडर्स को कोलकाता के बजाय किसी अन्य शहर में अपना होम ग्राउंड बनाना चाहिए. सीएबी ने यह मांग ईडन गार्डन्स के मुख्य पिच क्यूरेटर की आलोचना के उत्तर में की है.

दोनों दिग्गजों ने क्या कहा?
हर्ष भोगले और साइमन डोले ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स के पिच क्यूरेटर सुजान मुखर्जी पर प्रश्न उठाए जिसके बाद बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन हरकत में आ गया है. अब देखना यह है कि बीसीसीआई इस पर क्या फैसला लेता है. आपको बता दें कि क्रिकबज पर बात करते हुए साइमन डूल ने पिच टकराव पर बोला था, ‘अगर क्यूरेटर घरेलू टीम की बात नहीं सुनता है.‘ मेरा मतलब है, वह स्टेडियम की फीस का भुगतान कर रहा है, वह आईपीएल में होने वाली हर चीज का भुगतान कर रहा है. लेकिन यदि वह फिर भी घरेलू टीम की बात नहीं मानता तो फ्रेंचाइजी को कहीं और ले जाएं. खेल पर अपनी राय देना उनका काम नहीं है. उसे इसके लिए कोई भुगतान नहीं मिलता.

वहीं हर्ष भोगले ने कहा, ‘अगर वे घर पर खेल रहे हैं, तो उन्हें ऐसी पिच मिलनी चाहिए जो उनके गेंदबाजों के अनुकूल हो.‘ मैंने केकेआर क्यूरेटर का बयान देखा. यदि मैं केकेआर खेमे में होता तो उनके बयान से बहुत नाखुश होता. इसका मतलब यह है कि प्रत्येक टीम को अपने घरेलू मैदान पर कुछ फायदा मिलना चाहिए. इससे टूर्नामेंट और अधिक रोमांचक हो जाएगा.

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